
गीता का सार: ४२ श्लोक श्री रमण महर्षि द्वारा चुने गए
पहली बार “द सॉन्ग सेलेस्टियल” का सरल हिन्दी पाठ - जहाँ भगवन् रमण महर्षि द्वारा चुने गए ४२ श्लोक (श्रीमद्भगवद्गीता से) एक ही प्रवाह में सुनाए/समझाए गए हैं। लक्ष्य साफ़ है: कम शब्दों में गीता का पूरा संदेश, ताकि हर उम्र का दर्शक आसानी से समझें, याद रखें और जीवन में उतारें। रमण महर्षि ने श्लोकों को ऐसा क्रम दिया है कि कृष्ण के उपदेश का तार्किक बहाव बना रहे, सुनते-सुनते मन शांत, एकाग्र और अंदरूनी बल से भरता है। हमारा भावानुवाद मौलिक है; अर्थ-सत्यापन हेतु विश्वसनीय स्रोत से मिलान किया गया है। हिंदी भावानुवाद/प्रस्तुति: मयूर कटारिया * यह चयन क्यों ख़ास है? - आत्मा, कर्म, भक्ति और ज्ञान - गीता के मुख्य सिद्धान्त संक्षेप में - रोज़मर्रा के तनाव, भ्रम और डर को घटाने वाली व्यावहारिक समझ - ध्यान/जप के लिए उपयुक्त, शांत और स्पष्ट उच्चारण व भावानुवाद - “४२ श्लोक = गीता का सार” - जल्दी दोहराने/याद करने के लिए परफ़ेक्ट संगीत: नीलाद्रि दे
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Melbourne VIC, Australia
