मेरे मन की एक आवाज है जोनेर अंतर बोलती रहती हैं। commentary करती रहती है,
Analysis करती रहती है। जज्मेंट्स पास करती रहती हैं। conclusions बनाती रहती है opinions बनाती रहती है interpretation करती रहती है। और हमने बात की के जो स्टोरीज बनाती हैं ये सारी स्टोरीज हुई तो जो स्टोरीज बनती हैं,
वो अक्सर रियालिटी से,
फैक्ट से डिफरेंट होती है। वो अक्सर रियालिटी से और फैक्ट से डिफरेंट होती हैं। तो हम एक परत लगाते हैं,
एक layer लगती है,
Reality के उपर फिर एक और story की layer,
फिर एक और story की layer और reality हम completely भूल जाते हैं और हम usually stories में जीते हैं अगर हम बहुत अच्छा देखते हैं,
बहुत बहुत कुछ। हम अपर अपर अपर अपर अपर अपर वो क्योंता है?
हम अपर अपर अपर अपर अपर अपर Cheers in.
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क्राइंग achieving हम हमेशा कुछ होना जाते हैं। होना कहाँपे होता है?
Future में हम कुछ बनना चाहते हैं। कुछ पाना चाहते हैं। हम अमीशे टाइम में जीते हैं,
समय में जीते हैं अब बहुत लोगों को ये बहुत मुश्किल जान पड़ता है। अब समय है की नहीं है?
एक फिजिकल टाइम हुआ,
एक फिजिकल टाइमेंशन हुआ समय का.
अगर हमें 8 बजे स्टार्ट करना है,
तो शायद 6 बजे उठना पड़ेगा,
नाहना है,
उससे पहले रेडी होना है,
कल कोई फ्लाइट पकड़नी है,
कोई मीटिंग करनी है,
तो उसके लिए त्यारी भी करनी पर हम करने के लिए बात करते हैं साइकलॉजिकल टाइम आपको प्रस्तुत्री लिए करता है?
Does future exist?
अगर वरवारत करता है?
एक चोटी से exercise करते हैं जो भी हम चाहते हैं future में उसकी कल्पना करते हैं। कहां पे घट रहा है?
विचारों में। जब आएगा तब भी present movement की form में आएगा और शायद वैसा नहीं आएगा इसके बारे में हम बात करेंगे बड़ जब आएगा तो present movement की form में आएगा और शायद वैसा नहीं आएगा जैसे हम कलपना कर रहे हैं विश्यं हमें करता है। और अभी हम कहाँ पे हैं एक बर देखते हैं कहांपे हैं। तो हम अच्छा जाने के लिए हैं। always chasing अगर आपके लिए जाने के लिए हैं। बहुत लोग तो आपने देखा होगा असहेज हो जाते हैं,
Uncomfortable हो जाते हैं अगर उनको चैन से बैठना पड़े तो। I'm missing out something.
I'm missing out.
I am wasting my time.
I am wasting my time.
मैं बैठा हूँ तो इसका मतलब कुछ पाप कर रहा हूं। अल्मोस्ट पाप की फिलिंग आती है। गिल्ट की फिलिंग आती है। के मैं खाली कैसे बैठ सकता हूँ,
चैन से कैसे बैठ सकता हूँ। कुछ कर लेते हैं हम जरवाग हैं,
हम जरवाग हैं,
हम जरवाग हैं,
हम जरवाग हैं,
हम जरवाग हैं,
हम जरवाग हैं,
हम जरवाग हैं,
हम जरवाग हैं,
हम जरवाग हैं,
हम जरवाग हैं,
हम जरवाग हैं,
हम जरवाग हैं,
हम जरवाग हैं,
हम जरवाग हैं,
हम जरवाग हैं,
हम जर� इक इक guilt है आर्ज है। हम अपने अपने जाने करते हैं बच्चों की शादी हो जाये फिर चैन से बैठेंगे। बस ये designation मिल जाएं फिर retirement ले लेंगे اتنے پیسے آ جائیں फिर खुशी आ जाएगी। सांस मर जाए फिर अच्छा लगे। सौरी ये एक्जांपल्स हैं,
I love my mother-in-law.
और प्रोबेब्ली इसलिए मैं इतनी सहजता से examples ले पाता हूँ because I really love her.
बच्च्यों का एड्मीशन हो जाये फिर कोई चिंता की बात नहीं। एक बर ये जबीन मेरे कबजे में आ जाए। फिर सारी चिन्ताएं मुक्ष और हम Becoming Chasing Achieving नईने संसार बुनते रहते हैं। फरक नहीं पड़ता। किसी को Power चाहिए,
किसी को पैसा चाहिए किसी कू भगवान चाहिए। کسی کو عزت چاہیے किसी को सक्सेस चाहिए मेरे लिए बहुत बड़ा बहुत बड़ा driving force था। मेरी becoming में,
बहुत लंबे लंबे साल,
लंबे अरसे तक। शानती शानती की बात करेंगे अभी शान्ती मिल जए। कोई भगवान को ढूंढ रहा है। सादु पग्वान को डून रहा है,
पॉलिटीशन पावर को डून रहा है। विपारी पैसे को डून रहा है। स्ट्रक्चरिली कोई फरक नहीं है। स्ट्रक्चरिली अबजेक्ट चेंज हो गया है पैसा बगवान सक्सेस पावर इजट अलग अलग चीज़ें स्ट्रक्चरली कोई फरक नहीं है। हमामीशा कुछ डूंड रहे हैं जिससे लगता है अशौरिंस लगती है,
मेंटली,
साइकलोजिकली एक अशौरिंस लगती है कि ये मिल जाएगा तो जीवन में शांती आ जाएगा। एक मेंटल अशूरिन्स है। और हम उसी assurance के अंदर जीते हैं। प्रेजेंड में नहीं जीते। और इस अशूरिन्स की चेजिंग में हम हमेशा एंग्जाइटी में होते हैं,
स्ट्रेस में होते हैं तो हम जब कोई पूछता है के एंजाइटी कैसे ख़तम करनी हैं एंजाइटी कैसे जाएं मेडिटेशन से नहीं जाएगी You heard me.
Meditation से नहीं जाएगी जब हम इसको देख लेंगे कि हम Future में जीते हैं इस पूरे स्ट्रक्चर को जब जान लेते हैं देख लेते हैं साक्षात देख लेते हैं तो ये पिघलने लगती हैं। तो ये घिर जाती है। मैंने जब अपनी मेडिटेशन प्रैक्टिस शुरू की। बहुत-बहुत सालों तक मैं मेडिटेशन इसलिए करता था क्यूंकि मुझे बताया गया था एक चीज होती है जिसका नाम होता है Enlightenment जहां और वो चीज मिल जाए तो उसके बाद कोई दुख नहीं रहता। and I start chasing enlightenment.
पता नहीं है हुता क्या है,
But I started chasing that.
अलग-अलग किताबों में उसकी अलग-अलग बातें लिखी हुई हैं अन्धर एक अर्ज थी कि इस से इस चीज को करके मैं कहीं पहुँचूँगा और ऐसा नहीं है कि मेडिटेशन से मुझे बहुत अच्छी experiences नहीं हो रहे थे। बहुत अच्छी अच्छी,
बहुत प्यारे प्यारे,
बहुत शांती बहरे अनुबव हो रहे थे। बट अंदर एक desire थी। एक चाहा थी कि ये करूंगा तो कहीं पहुँच जाओंगा। बहुत से सादक बहुत से सादक यहां पे फ़ज जाते हैं। meditation जोकी present moment में रहने का,
जीने का नाम है और कुछ भी नहीं। वो मैं use कर रहा हूँ as a tool,
As a practice to reach somewhere,
To get something.
पैसा तो स्टिल कोंक्रीट है,
Enlightenment का तो पता भी नहीं है,
बस नाम है,
एक concept है जब हम इसके लिए कुछ नहीं चाहते हैं,
मैं अच्छा नहीं चाहता हूँ। मेरा प्राक्टिस और मैंने जब सुना तो मुझे ऐसा लगा शायद मैंने दिहान को ध्यान के तत्व को जान मैसूस किया ऐसा नहीं है कि बार बार नहीं फसता,
दुबारा नहीं फसता। बट ऐसा मुझे लगा कि ये शैद उतर गया। अभी तक मैं इतने सालों से चेस कर रहा हूँ मुझे एक एक लिए जाना हूँ। बहुत मेरे लिए एक deepening experience था। मुझे ऐसा लगता है कि मैंने ध्यान के तत्व को जाना। मैंने बहुत बार सेशन्स में अलग-अलग सेशन्स में ये शेर किया है कि कैसे I used to feel that I am not good enough,
I am not successful enough.
अब ये स्टोरी बनी। अब ये स्टोरी मिठाने की चाहत बनी,
कोशिशें शुरू हुई। फैक्ट्स को देखूं तो ज़्यादा तर फैक्ट्स तो इस तरफ इशारा करते हैं कि I have been quite successful.
बट जब मैं खुदी कू मान्ता हूँ तो वो facts तो नज़राएंगे नहीं। वो स्टोरी तो पक्का से सच्ची है और उस स्टोरी को मिठाने की कोशिस चल रही है। अब मै अब सेक्सेस सिक्सिस कहां पे है?
अगर results को देखो,
Facts को देखो,
तो कुछ कामियाबी मिली,
कुछ नाकामियाबियां भी मिली। बड़ सक्सेस है कहाँ पे?
Success कहांपे है?
मेरे अंदर मेरे विचारों में और मैं ये अलड़ी मानता हूँ कि मैं सक्सिस्वल नहीं हूँ। और अब उसको मिठाने की कोशिस चल रही है। चले चल रही है चले चल रही है और उसमें मैं जूझ रहा हूँ उसमें मैं पेन में हूँ,
Continuously पेन में हूँ मिल भी जाये तो नएया उप्जेक्ट ढूंढ लेते हम। हम नए नए अब्जेक्ट्स ढूंडते रहते हैं। कुछ मिल जाए तु तुरंत नया हम अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर एक.
बहुत बड़े अफसर प्रस्तुतिक आगरा की पागल खाने में गए। मुआयना करने तो वहाँ पे एक आद्मी था हुआद पर रूराधा चीगराधा। तो अफसर ने ऊचा के भी इसको क्या हुआ वहाँ के डॉक्टर ने बताये की जिस लड़की से प्यार करता था। उससे इसकी शादी नहीं आए। मेरे दुखी बात है। फिर थोड़ी देर आगे चले वहां पे एक और आदमी और और खराब हालत में नोच रहा था अपने आपको मार रहा था सिर्फ उड़ रहा था। इसके हालत और ज़्यादा खरात है। तफसर ने डॉक्टर से पुछा इसको क्या हुआ?
तो वो जिस पहले वाला जिस लड़की से शादी करना चाहता था उससे इशकी शादी हो गए। We keep on now.
जब जब जब वो अपने स्ट्रक्चर है becoming बहुत लोग मेडिटेशन स्टार्ट करते हैं कि उनकी विशिस पुरी हो जाएंगे। Honestly,
मैं इस चीज़ को बोलने से थोड़ा सा कत्राता आया हूं। हलाकि कृष्ण ने बुद्ध ने इसको बहुत साफ साफ बोला है। to desire.
क्योंकि अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने दुख का कारण है desire expectation hope corporate world में सिखाये जाता है। दुनिया में सिखाये जाता है। वह आपको करते हैं जहांपे जीवन घट रहा है। आगईं आगईं आगईं आगईं आगईं आगईं इसको देखियेगा खुद के जीवन में। क्या ऐसा है?
विश्वास मत कीजियेगा मेरे बूलें पर या इवन क्रिशन पर। कुछ पढ़ने पर किसी ने कुछ कह दिया क्या ऐसा है क्या एक्शुली में पेन आता है?
जब हम कहीं और होते हैं फ्यूचर में होते हैं क्या हम हमेशा ही Future में होते हैं?
क्या इसको हम देखेंगे तो जान पाएंगे?
तो क्या इसका ये मतलब है?
कि हमारे को desires नहीं होनी चाहिए,
Expectations नहीं होनी चाहिए। क्या ये कहा जा रहा है?
अब धियान से देखिए। दिहान से ये कौन पूछ रहा है?
सेम् स्ट्रक्चर पूछ रहा है जो चाहता है जिसको अशूरेंस है। के फ्यूचर में शानती है। ये मिल जाएगा तो शानती है। And we know,
बहुत सारी चीजें मिली भी होंगी। पक्कर से मिली होंगी हर किसी को मिली होंगी कोई भी यहां पे ऐसा होगा नहीं जिसको जो उसने कुछ चाहा होगा और वो मिला होगा। बड़ जैसे ही मिला होगा वी मूव अंटो न्यू अब्जेक। हम अपर अपर इस अपर स्ट्रक्चर है। will live in future.
हम ज़्यागते हैं। कौन पूछ रहा है?
कुण डाउट कर रहा है इसको अगर हम observe करेंगे। तो देख पाएंगे,
साक्षाद देख पाएंगे। तो अब करें कैसे?
चोड़ चोड़ चोड़ اب اس کو چھوڑیں अब एक नए कहानी पकड़ी,
जोकी बहुत से सादू पकड़ लेते हैं। desire को छोड़ने की desire दिजायर को चुड़ने की दिजायर जैसे ही हमने बोला अच्छा चूड़ना है अब कोईंसेडंटली कल मेरे किसी family member ने same चीज मेरे से वो ये expectations तो नहीं छूटती है। कैसे छूड़ें अब इसकी दोड़ शुरू हो गई। मन का ढहाच्या देख रहे हैं आप अब इसकी दोड़ शुरू हो गई। बहुत से लोग अब इस दोड में फ़स गए। ज़्यादा तर लोग जो भगवान को enlightenment नाम की चीज को दूंट रहे हैं वो इस दौड में फ़स गए। और मैं कहाँ पे हूँ?
और वो डूंड़ा कहां पे जा रहा है?
अगर हम गट कहां पे रहे हैं सब कुछ एक चूटी की ज़रूरत है। जागने के लिए। और मैं वा.
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आगएं,
हीर और नहुं। Life happens in the now.
रियल real thing,
Reality reality happens here and now जो वो assurance है। वो तो यहां पे चल रही है। कैसے لیں एक स्वभाविक कुष्चन है जीवन को कैसे जीएं बट एक्शन कहाँ पे घटता है?
कहाँ पे घटता है एक्शन?
पर हमारा ध्यान एक्शन पर इस मुव्मेंट पर जो की रियालिटी है। उसमें नहीं होता। हम गुम होते हैं,
साइकलॉजिकली गुम होते हैं। हम अंदर consumed होते हैं उसके अंदर कि कहीं पर कुछ है। जो अभी नहीं है। और जो अभी है उस ढून्डने के अंदर हम जो अभी है तुरंत वापिस आ जाते हैं। और उस object में आप चाहे बेशक पैसे को डालीजिये,
चाहे इजद को डालीजिये,
चाहे सक्सेस को डालीजिये,
चाहे भगवान को डालीजिये,
चाहे शान्ती को डालीजिये। हम यहाँ पे सब लोग शान्ती के बाते कर रहे हैं। बहुत लोग मेडिटेशन में बहुत लोगों को experience हुआ होगा चेस करते रहते हैं मेडिटेशन नहीं मिली मेडिटेशन नहीं मिली शांती नहीं मिली शांती नहीं मिली मेडिटेशन कर रहे हैं शांती को नहीं मिल रही है विचार नहीं जा रहे हैं। विचारों के साथ लड़ाई शुरू हो जाती है। ये छोड़ें कैसे,
छोड़ें कैसे?
कैसे होते हैं?
साक्षी पाफ क्या होते हैं?
सबस्तात एक चूटी भरें तो वापिस क्या इस शण में कोई दिक्कत है?
एक बर स्पिलनेस में। बहुत सी बुरी आदें होंगी मीठी आदें भी होंगी बड़ हमारे को बुरी आदें याद रहती हैं मीठी भी आद रहती हैं। पर दिक्कत बुरी आदेते देती हैं। बहुत से बुरी आदें होंगी बहुत सी अकांख्षाएं होंगी जो पूरी नहीं हुई अभी तक। एक बर उनको साइड में रख दें। इस शण्ड में कोई दिक्कत है। बहुत इंस्टिल्नस देखने के लिए क्या इस शान में कोई दिक्कत है?
अगर आपका अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने उसने मेरे साथ बहुत बुरा किया,
ये किया,
वो किया,
बच्चों की शादे नहीं हो रही,
मेरा बच्चा निकम्मा,
मेरा बच्चा मेरे इस्थत नहीं करता,
ये मिल जाएगा,
इतना बड़ा हो जाएगा। मेर को बेजना सको बेला बढ़ाना है,
भक्वान को पाना है,
शांती को पाना है। इस शैन में कोई दिक्कत है?
अगर आप इसे पड़ सकते हैं। अगर मुझे एक विश्यकरता करने के लिए करते हैं। सच्छ अच्छा लिबरेटिंग वीडियो। और ऐसा नहीं है कि हम दुबारा से गुम नहीं होंगे। ऐसा नहीं है कि हम इस चीज को भूल नहीं जाएंगे। बट एक बारी के लिए भी अगर ये पकड में आजाए। इस पल में कोई दिक्कत है। कोई वी प्राब्लम सर्दी लग रही होगी थोड़ा सा दर्दोरा होगा बिमार होगे इसे प्रेटी मुझे प्रेटी है। and we can test it.
अगेन और अगेन अगर वो Future na ho Future ke thoughts na ho Future to hota hi nahi hai Future ke keval thoughts hote hain Future नहीं होता Future के केवल thoughts होते हैं पास्ट नहीं होता पास्ट की मेमरी होती है विच्चार वो साइड में रख दिये हैं वो एसा नहीं है कि वो thoughts नहीं है बट thoughts ही है उनको साइड में रख दिया तो इस समय कोई दिक्कत है। वो अच्छा नहीं है। नहीं नहीं नहीं ये सब नहीं चाहिए भाई साब आप वो बताओ के मेरे को जो चाहिए वो कैसे मिलेगा मेरे को तो दिहान दिहान के लिए तो मैं इसलिए आया मेरे बेटे मेरी इजद कैसे करने स्टार्ट करेंगे इन सब से कोई लिना देना नहीं है। और तो हम एक गई गेट कन्जूम्ग अपने विश्यते में जानने के लिए तो छोड़ने की कोशिश भी मत करना। चोड़ने के लिए कहा भी नहीं जा रहा। इगू के साथ लड़ा नहीं जा सकता। इगो नहीं एल्स बड़ता है पर एक प्रवाश्ट। एक ब्रह्म और ये desire क्या है,
ये expectation क्या है,
ये future क्या है?
ये ब्रहम है। जब हम ब्रहम को ब्रहम की तरहें देख लेते हैं। तो वो छूट जाता है। उससे पहले वो रियालिटी है। abba सारी स्टोरीज की तरहें किसी के साथ तदात्म बहुत गहरा होगा एडिन्टिफिकेशन बहुत गहरी होगी नहीं आई नू ये मिल जाएगा तो शानते मिल ही जाएगी मुझे चाहिए ही चाहिए और वहाँ पे वो छूटेगा नहीं क्योंकि वो रियल लग रहा है। और हो सकता है जब आप देखें तो जहांपे तदात्म कम है वो अपने आप गिरने लगेगा। जब आप ब्रहम को ब्रहम की तरहें देख लेंगे। इसको छोड़ने की कोशिश अपने कोर छोर पकड़ लिया। कि अब फ्यूचर को छोड़ना है जी एकस्पेक्टेशन्स को छोड़ना है अब ना मैं अब पता चल गया क्या है दुख का कारण अब मुझे प्रेजंड में रहना है। Can you see that?
अच्छा जाने के लिए अब मुझे मेडिटेशन में कोई expectation नहीं रखनी। आप अपने आपके अपने आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके आपके अब मुझे meditation में कोई expectation नहीं रखनी है। अब मैं मेडिटेशन में बैठूंगा तो कोई एकस्पेक्टेशन के साथ नहीं बैठूंगा। केनियो आपके अच्छा के लिए आपके अच्छा के लिए आपके अच्छा के लिए और तो हम एक गई हैं। आपको प्राज़ा करने के लिए स्ट्रक्चर के लिए इसे अपने लिए होता है,
अपने लिए एवरी टाइंग and we keep forgetting about it.
क्या इश्चन्ड में कोई प्राब्लुम है?
पर अगर आप करने के लिए अगर आप करने के लिए अगर आप करने के लिए सी जो हम अच्छा जाते हैं। and becoming is an illusion.
हम कुछ होना चाहते हैं। विचारों में अफकूर्स। साइकलोजिकली इटरनली इकार्टोली इसको बहुत अच्छे से explain करते हैं मुझे काफी practical लगता है उनका वो जो words यूज़ करते हैं वो कुछ इस तरीके से कहते हैं कि हम अच्छा करते हैं और और वो कुछ दिफरें नहीं कहते हैं जो क्रिशन कहते हैं। But हमें action इस समय लेना है,
इस moment लेना है। यह एक विश्वार के लिए है है मैं?
उरिन एंड इत्सेल्फ। क्या वो सिर्फ एक सीडी है कहीं पहुँचने की?
हमारे लिए हर चीज़ एक सीडी होती है कहीं पहुँचने की और वो कहीं कभी आता नहीं है आता भी है तो जल्दी ही हम कुछ और पकड़ लेते हैं तो क्या मैं अपना पूरा ध्यान इस समय इस शन में। खिये गए कि ये जा रहे करम पर लगा सकता हूँ क्या उसके मजे ले सकता हूं?
अब ये सुनके ये हो सकता है। जान लिया जी छूट तो नहीं रही। हम फिर से सेम्स्ट्रक्चर में फसते चले जाएंगे। सिर्फ देखना है। जब दिख जाएगा छूट जाएगा। जैसे इसके साथ लडाई शुरू करेंगे तो हम फिर से फसक हैं।