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बस शरीर रूपी कपड़ा बदला है : आत्मा तो अमर है

by BK Shaifali

Type
guided
Activity
Meditation
Suitable for
Everyone

जब किसी प्रियजन के चले जाने पर मन अस्थिर हो, तब इस अनुभूति से आत्मा की अमरता को स्वीकार कर शांति और जुड़ाव का अनुभव किया जा सकता है। यह अनुभूति आपको गहरे स्तर पर यह स्वीकार करने में मदद करती है कि जीवन और मृत्यु केवल शरीर के स्तर पर होते हैं — आत्मा न तो जन्मती है, न मरती है। "बस शरीर रूपी कपड़ा बदला है" यह समझते ही आप अपने प्रिय की ऊर्जा को, उनके प्रेम को, अपने चारों ओर महसूस कर पाते हैं। इससे भावनात्मक हीलिंग होती है, मन हल्का और स्थिर हो जाता है। आत्मा की निरंतरता का यह ज्ञान आपको डर, शोक और बिछड़ने की पीड़ा से मुक्त कर, एक नई आत्मिक समझ और आंतरिक शांति प्रदान करता है। जीवन की गहराई और आत्मा के वास्तविक स्वरूप से जुड़ाव स्थापित होता है — ओम शांति।

SoulAcceptanceEmotional HealingInner PeaceSpiritualityGriefMindfulnessEnergyVisualizationCalmnessDeep BreathingMind CalmnessHead FocusGolden Light VisualizationEnergy FlowParental VisualizationSoul JourneySupreme Parent Connection

Transcript

एक गहरी लंबी सान्स लिए अपनी प्रेजन्स को फिल करी और महसूस करी धीरे धीरे मेरा मन एक शान्त जीव की तरह हो रहा है एक छोटी सी लहर बन कर आता है और शान्त हो जाता है अब अपने मस्तक पर ध्यान दे मस्तक के बीच एक हलका सा गूल्डन ग्लो महसूस करी जैसे एक दीपक चल रहा हो इस दीपक की एनरजी मेरे हाथ सेंटर तक पहुँच रही है और मेरे हाथ को प्रेम से भरपूर कर रही है प्रेम की उर्जा से महसूस कर रहा हूँ मेरे अंदर प्रेम की उर्जा अब अपने सामने एक वाइट मिस्ट देखे उस वाइट मिस्ट में हल्की सामन उस लाइट में मैं अपने पेरिंट की एनरजी महसूस कर रहा हूँ ना उनका शरीर ना उनका रूप बस एक वॉर्म्थ एक एहसास एक वाइपरेशन उनकी एनरजी में मुझे प्यार का एहसास हो रहा है जैसे वो मुझे कह रहे है कि मैं कहीं नहीं गया बस कॉस्ट्यूम चेंज किया है उस पुराने कॉस्ट्यूम में हमारी मुलाकात यहां तक ही थी अलग कॉस्ट्यूम अलग किर्दार में मुझे आनुभव हो रहा है कि ये शरीर एक कॉस्ट्यूम है जो प्रकृति के पांच तत्वों से क्रियेट होता है और एक जर्नी पूरी होने पर वापस प्रकृति में समा जाता है मुझे रेलाइज हो रहा है कि ये केवल एक ट्रांजिशन है एक जर्नी है जिस से हर ह्यूमन सोल को गुजरना होता पुराना कॉस्ट्यूम छोड़ नए किर्दार में नए यात्रा पर सब को जाना ही है कई यात्राएं की है आगे भी करेंगे जो छेहरा,

जो कॉस्ट्यूम नजर आ रहा है वो फाइनल रुथ नहीं फाइनल रुथ फाइनल रियालिटी यही है कि मैं एक सोल हूँ एक एनरजी हूँ मेरा सच्चा मादपिता सुप्रीम पेरंट सरवुच्च शक्ती जो पूरे जगत का नियंता है वही है बाकि सब कुछ समय के किर्दार है ओम शन्ती

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