
दुख के समय - जीवन में सच्चे सुख की अनुभूति
by BK Aditi
जब मन में पुराने दुखों का भार हो और आत्मा शांति व सच्चे सुख की अनुभूति चाहती हो, तब यह ध्यान किया जा सकता है। इस ध्यान के अभ्यास से आत्मा पुराने दुखों और मानसिक भार से हल्की होने लगती है। जब मन स्वयं को परम ज्योति, सुखों के सागर परमात्मा के समीप अनुभव करता है, तब भीतर गहरी शांति और सुरक्षा की भावना उत्पन्न होती है। यह अनुभव जीवन में सच्चे सुख की अनुभूति कराता है, जहाँ दुख का प्रभाव धीरे-धीरे समाप्त होने लगता है। आत्मा स्वयं को अनंत सुखों से सजी, ईश्वरीय संतान के रूप में पहचानती है और जीवन में स्थायी शांति का अनुभव करती है।
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