03:07

मैं भाग्यशाली ईश्वरीय संतान हूँ

by BK Aditi

Type
guided
Activity
Meditation
Suitable for
Everyone

जब जीवन में आत्मविश्वास, भाग्य और ईश्वरीय सहारे की अनुभूति चाहिए, तब यह ध्यान किया जा सकता है। इस ध्यान के अभ्यास से आत्मा अपने भीतर छिपे हुए ईश्वरीय गुणों और शक्तियों को पहचानने लगती है। यह अनुभव यह अनुभूति कराता है कि जीवन में मिलने वाली ईश्वरीय प्राप्तियाँ अनंत हैं और हर कार्य में सफलता का भाव स्वतः जागृत होता है। आत्मा स्वयं को भाग्यशाली, समर्थ और ईश्वरीय संरक्षण में अनुभव करती है, जिससे जीवन में विश्वास और शांति स्थिर हो जाती है।

Divine ConnectionSelf EmpowermentVisualizationPositive AffirmationMeditationConfidencePeaceVisualization Technique

Transcript

अम्श्यन्ते अपने मस्तक के बीच चमक्ते होई भाग्य के सितारे को देखें ये भाग्य का सितारा स्वयं भगवान ने मिरे जन्म होते ही प्रदान किया है और आज मैसूस करें कि स्वयं परमात्मा भाग्य विधाता मिरे भाग्य के सितारे को एक नई चमक्त प्रदान कर रहे है उपर आकाश से उतरती भाग्य की अनंत किरनों को अपने अंतर में समाले मैं भाग्यिशाली हूँ मिरे जीवन में ईश्वर ये प्राप्तियां अनंत हैं ईश्वर ये गुण,

ईश्वर ये विशेष्टाईं अनंत हैं इमर्च करें उन छिपी हुई शक्तियों को उन छिपे हुए गुणों को कर्दव्य मिलाने का यही समय है स्विकार करें कि मैं अनंत भाग्ये की स्वामी भाग्यिशाली ईश्वर ये संतान हूँ स्वयं परमात्मा ने मिरा भाग के उदई किया है आज से मिरा हर कारे हुआ ही पड़ा है विश्वास रखें भाग के विधाता द्वारा मिलें इस वरदान पर मैं भाग्यिशाली हूँ आज से मिरा हर कारे हुआ ही पड़ा है विश्वास रखें भाग के उदई किया हूँ

Meet your Teacher

BK AditiMount Abu, Rajasthan 307501, India

More from BK Aditi

Loading...

Related Meditations

Loading...

Related Teachers

Loading...
© 2026 BK Aditi. All rights reserved. All copyright in this work remains with the original creator. No part of this material may be reproduced, distributed, or transmitted in any form or by any means, without the prior written permission of the copyright owner.

How can we help?

Sleep better
Reduce stress or anxiety
Meditation
Spirituality
Something else