
अंधकार से प्रकाश की ओर - शक्ति स्वरूप की गहन अनुभूति
by BK Aditi
जब आत्मबल गिरने लगे और आपको दिव्य ऊर्जा की आवश्यकता हो, यह ध्यान आपको पुनः आत्मशक्ति से भरने के लिए आदर्श है। इस ध्यान के पश्चात आत्मा अनुभव करती है कि परमात्मा शिव की सुप्रीम लाइट उसके सामने उतर आई है और यह लाइट आत्मा के भीतर अनंत शक्तियाँ भर देती है। भीतर की हर कमजोरी और कमी जैसे धीरे-धीरे गलकर प्रकाश में बदल जाती है। मन एक दिव्यता से भर जाता है और आत्मा को अपने "शक्ति स्वरूप" की गहन अनुभूति होती है। यह ध्यान न केवल स्थिरता देता है, बल्कि आंतरिक ऊर्जा को इतना जाग्रत कर देता है कि आत्मा जीवन की हर परिस्थिति में अपने दिव्य बल के साथ टिके रह सकता है।
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