इच्छा शक्ती एक मास पेशी की तरह है। आपको इसे हर रोज सशक्त करते जाना होगा। एक बार वे बन गए मातर वो परियाप्त नहीं है। इच्छा शक्ती बढ़ाने के लिए तीन चीज़ें। पहला ध्यान थोड़े से ही आप शुरुबात करो। जब आप एक गंडे तक का अभ्यास करते हो तो आपकी इच्छा शक्ती उद्कृष्ट होगी। दूसरी एक अद्भूत आउशदी जो आपको अवश्च लेनी चाहिए। शारीरीक व्यायाम ये वजन घटाने के लिए नहीं है। वेहतर जीवन जीने के लिए उच्छ बौधिक स्तर की आवश्चक्ता नहीं है। उच्छ उर्जा स्तरों की आवश्चक्ता है। और ध्य जो काम करने में आपको दो घंटे लगते थे वो डेड़ घंटे में ही कैसे पूरा कर पाएं। क्या मैं तीसरी कहूँ?
साद घंटे की नीन अथवा आध्यात्मिक हो तो पाँच्छे घंटे भी परियात हैं। नीनद की कमी,
निरस्ता और खिननता को आमंतरित करने का श्रेष्ट माध्यम है। व्यग्रता और तनाब लाने का सबसे अच्छा उपाय है कि आप खुद को नीन से वंचित रखें। अगर आपके शरीर को इसकी जरूरत है,
तो आप नीनद पूरी करें और बचे हुवे समय में बेहत सक्रिय रहें। इसके लिए कुछ तरकीबें हैं। 90 मिनिट का घेहन ध्यान और 10 मिनिट का घेहन विश्राम जो भी काम आपने लिया हो। चाहे वो बुनाई का काम क्यों न हो,
किसी से बात नहीं करना,
90 मिनिट में अपने फोन की जांच नहीं,
और प्रयास करो कि किसी भी अन्य विचार से विचलित न हो,
सिवाय उसके कि जो काम आप कर रहे हो। 90 मिनिट के बाद काम अगर अधुरा रहा तो भी छोड़ देना,
और 10 मिनिट घेहन विश्राम,
जिसमें आपने जो काम किया उसका एक भी विचार नहीं आए। ये एक अद्भुत आउशदी है,
प्रयातने करना,
क्योंकि हर रोज करीब 2 घंटे आप विचलित रहते हो। और कहा जाता है कि हर 11 मिनिट बाद आप विचलित हो जाते हैं। आप जितने अधिक विकल्ब देंगे,
सारा दिन अगर आप चुनते चले जाओगे,
चुनते रहोगे,
चुनते रहोगे,
तो शाम तक आपकी इच्छा शक्ती जीरो लेवल पर आजाएगी। इसलिए � शक्ती उतनी ही मज़बूत होगी।