नमस्ते आज कुछ ठीक करने की कोशिश नहीं करेंगे कुछ बदलनी की भी नहीं आज सिर्फ रीसेट करेंगे आराम से बैठ जाएं या लेट जाएं आखे इकदम बंध एक हाथ अपनी हिर्दे पर रखें और एक हाथ पेट पर बस महसूस करे आप सांस ले रहे हैं कोई तक्नीक नहीं,
कोई जोर नहीं सिर्फ प्राकृतिक सांस अब धीरे से सांस थोड़ी गहरी करें अंदर पेट हलका उपर उठे बाहर पेट पर धीला हो जाए हर सांस के साथ अपने शरीर को एक संकेत दे अब सुरक्षित हूँ अगर मन भाग रहा है,
उसे रोकना नहीं बस कल्पना करें,
आपके सामने एक स्क्रीन है विचार उस स्क्रीन पर चल रहे है आप दर्शक हैं,
कहानी नहीं अब ध्यान अपने कानों पर लाए दूर की आवाजें,
पास की आवाजें उन्हें नाम देने की ज़रूरत नहीं सिर्फ सुने अब ध्यान त्वचा पर लाए हवा का हलका स्पर्श कपडों की मुलायमियत आप वर्तमान में लोट रहे हैं और अब कल्पना करे आपके सिर के ऊपर एक छोटा सा स्विच है जैसे पुरानी रेडियो में होता था उस पर लिखा है ओवर लोड धीरे से कल्पना में उसे बंद कर दे एक हलकी क्लिक की आवाज और पूरे शरीर में एक शांत तरंग फैलती है माथा नरम,
आखो के पीछे हलकापन जबड़ा एकदम धीला कंधे पिंघलते हुए छाती खुली,
पेट नरम अब मन ही मन दोहराए मुझे अभी सब हल करनी की जरूरत नहीं यहे ख्षन परियाप्त है मैं फिर से संतुलित हो रहा हूँ अब कल्पना करे,
आपके भीतर एक धीमी इस्थिर रोशनी जल रही है बहुत चमकदार नहीं,
लेकिन लगातार जल रही है जैसे भीतर एक पावर सोर्स हो बहरी हालात बदलते रहेंगे लेकिन यहे रोशनी इस्थिर है कुछ शन बस इसी इस्थिरता में रही यहाँ पर आठ से दस सेकिन का लंबा पॉज रखें अब धीरे से अपनी सांस गहरी करे उंगलिया हिलाए,
पैर हिलाए हतेलियों को गर्म होने तक रगडे और जब हतेलियां गर्म हो जाए तो उन्हें धीरे से अपनी आखो पर रखें और धीरे धीरे करके अपनी आखो को खोले आप तूटे नहीं थे,
बस ओवर लोड था और अब आप रीसेट हो चुके हैं