वाहि गुरुजी का खलसा,
वाहि गुरुजी के अथे आजदा है शबद तनतन शरी गुरु तेख भाधर सभबजी दे मुखार बेन तो उचारन होया है अते शरी गुरु गरनस सभबजी दे आंग 902-902 ते सुबाइमान है फिर ही जात करा दिये के ये सारे सीरीज गुरुतिक भाधर सभब दे तिनसो पंजावे शिहिदी साल समर्पत नामे मले दे सारे शब्दां दी विचार कीती जा रही है एक शब्द दे विच सत गुरु उस प्रभु दे अगे की याचना कर रहे है कि इस जीवन दे विच मैं केड़ी युगती अपनामा दिखो सुखी होन वास्ते अनंदित होन वास्ते ऐसी बड़े-बड़े रस्ते अपनान निया बड़े-बड़े करम कांड भी करते हैं बड़े-बड़े युगती अपनान निया पिर सत्गुर कहते हैं मैं केड़ा नाम सिमरन करहा उसानु नाम देवते इनने पर लिख्या पा देते गे तो सत्गुर कहते हैं दिसो मैं केड़ा नाम सिमरन करहा जिस नाम दे सिमरन दे नाल मैंनु इस जीवन दा सब तो उच्छा पद निर्वान पद प्रापत हो जबे आओ सत्गुर दी सिख्या ले ये विचार करिये ते दिखिए सत्गुरू इस शब्द दे विच सनु की कहना चान देने राम कलीम अल्ला नाम सादो कौन जुगते अब की जै जानते दुरमत सगल बिना सै राम पगत मन पी जै राओ मन माया में उरज रहू है राम पगत मन पी जै बूझेने किछ ग्याना कौन नाम जग जाके सिमरे पावे पद निर्भना पैदे आल किरपाल संत जन तब हे बात बताई सरब तरम मानो तै किये जै प्रकीरत गाई राम नाम नर निस बासुर में निमुख एक उर तारे जम को त्रास मिठे नानक तै अपनो जनम सवारे राम नाम नर निस बासुर में निमुख एक उर तारे जम को त्रास मिठे नानक तै अपनो जनम सवारे वाहि गुरुजी का खलसा,
वाहि गुरुजी की फते,
राम कलीम अल्ला नाम सादो कौन जुगते अब कीजे,
जानते दुरमत सगल बिनसे,
राम पघत मन कीजे,
वाहि गुरुजी का खलसा,
वाहि गुरुजी की फते गुरुजी का खलसा,
गुरुजी का खलसा,
गुरुजी का खलसा,
गुरुजी का खलसा,
गुरुजी का खलसा,
गुरुजी का खलसा,
गुरुजी का खलसा,
गुरुजी का खलसा,
गुरुजी का खलसा,
गुरुजी का खलसा,
गुरुजी का खलसा,
गुरुजी का खलसा,
गुर दिखो,
असी जुगतियां ते बडियां लानी हैं,
असी तरीकें ते बड़े लबदें हैं,
असी सादन ते बड़े लबदें हैं,
सुकी होन दे,
कहते हैं,
हर बंदा ही चन्दप है,
चाहे तान दोलत कमांदे हो,
चाहे विफार चलांदे हो,
चाहे कारबार बनांदे हो,
कार लेंदे हो,
जो भी चीज़ इस संसार दे बेच तुसी कर दे ओना,
हर कदम तुआड़ा इस वास्ते है कि तुसी सुकी हो जा है,
कि सारे यतन साड़ा जिस काम वास्ते हो बे,
वो होई नहीं रहा,
फिर भी साद नानक साहबन कहना पहरे है,
नानक दुखिया सबसंस,
जिस काम दे पिछे,
जिस गाल दे पिछे सारी दुनिया दोड़ी फिर दी है,
वो होई नहीं रहा,
कुई दे गाल होईगी ना इदे विच,
कुई दे इदे बिछे राज होईगा ना,
कि जेड़ा सालू समझ नहीं आ रहा,
कि साड़ी दोड किते,
गलत पासे वाली जा रही है,
इशारा ता गुरु नानक साहबने भी दे दिता सी,
पर असी किठे पकड़ पाए,
गुरु साहबने किया सी जोर ना जुगती,
लाला जोर,
पहले जामेची उनने तौनु वार्णिंग कर देती सी,
कि तू जुनिया मरजी जुगतियां लाला,
जिनने मुर्झी जुगतियां लाला,
जिनने मुर्झी जुगतियां मरजी तू करमकान कर ले,
जिनने मरजी तू तरीके लब ले,
तेरा इत्तो छुटकारा नहीं हो ना जिड़ा अनांद,
जिड़ा सुख,
जिड़ी शांती,
तू लबदा वे ना,
वो तेरे अपने जोर नाल,
नहीं लबनी,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं सत् गुरू,
मैं टोलकियां चेने बजाके सुखी हो जाँगा,
मैं दबके नितनेम करांगा,
मैं सुखी हो जाँगा,
मैं दबके सुखमनी साहब करांगा,
सुखी हो जाँगा,
मैं दबके खंड पाठ करांगा,
मैं सुखी हो जाँगा,
मैं दबके जुगराते चोंकियां चे पहरे सारा कुछ करांगा,
तो मैं सुखी हो जाँगा,
नहीं गल बनी तो बाबे का दे वास्ते नहीं,
बहुनों दे पहर को उठलांगे,
आसी बड़े तरीके लोगे,
बड़िया जुगतियां आसी बनाने हैं,
लेकिद इस सुरिष्टी दा जो मूल सी,
इस सुरिष्टी दा जो निजम सी,
उननों आसी फालो करनों त्यार नहीं,
आसी उस बाई गुरू दी रजा दे बेच,
उस परमात्मा दे रजा दे ब सत् गुरू कहने ने जतन ते तो बड़े करदा है,
जतन बहुत सुख के किये,
दुख को कियों न कोई,
ये सुख ते दुख इस सुरिष्टी दे विच सिक्के दे दो पहलू नहीं,
ये गाल ते तू समझी नहीं,
ये गाल समझ नहीं सी,
ये समझन दी बजाए,
तु एक पहलू नु लेके ही सारा जोरों दे उत्ते ला देता,
सत् गुरू कहने ने,
तु सुखी होन दे जतन बहुत कर रहा सी,
पर सुख दे नाल चम्डिया वाया,
ये दा दुझए पा जतन बहुत सुख के कि ये दुख को कियो न कोई,
उते बास ते भी थोड़ा जतन कर लेना सी न,
के ओस समय दे विच्चो मैं किस तरह निकलना है,
पुलेखा तो ही खा गया,
क्योंकि तु सुखनों अपना मन दा सी,
इसकरके दुखनों में तु अपना मन बैठा,
तेनु अंतरी पावेदा समझ ही नहीं लगा,
वार्णिंग तेनु सत्वगुरू नानक ने,
पहले जामे दे विच्ची दिती सी,
कि तेरे जोर नाल कुछ न ने,
साड़ियो तार्मक संस्थावा ने,
आरे लादता पस आसी लग्गे हो जा,
किसे तरह आसी सुखी हो जाई,
तो एहो ही साड़ा टार्गेट है सारे आंदा,
चिननी हैं ते दसो,
चाहे कोई अमीर है,
चाहे कोई गरीब है,
जो भी है,
उदा टार्गेट है ही,
पर इन टार्गेट एचीव नहीं हो रहा है,
तो हुन सत्गुरू कहने ने,
हुन ते हार कर उस प्रभुगेर दा,
सादो कौन जुगते अब की जै,
मैं कीरी जुगती अपना हूँ सत्गुरू,
मैं सारे ही लिवसीले करके देख ले,
बच्पन तो लेके,
मैं बुड़ापे वेच आ गया,
पर सुखी नहीं हो सका,
काश जिस पहले दिन मैं जबची साप पढ़ी सी,
मैंने पता लग जानता है,
मेरे वास दी गाल नहीं है,
क्योंकि सनो दसन वाले हो दाने देने,
उनने सनो अपना जोर लान वास्ते मजबूर कर देता,
बाकि हूर भी गल है,
उनने थे भी इननी गलती नहीं है,
कारण एक है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
म मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
म मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
मैंने पता लग जानता है,
म मैं केली जुक्ति अपना हूँ,
कोई तरीका दसो मैंनू,
जानते दुरमत सगल बिनासे,
राम पगत मन पीजे,
एहो जी तरीका,
एहो जी जुक्ति दसो,
जिदे नाल मेरी मत,
जड़ी दुरमत बनी हुई है,
दुरमत किदा बन गी,
दुरमत ऐस तरह बन गी,
के जड़े ही लिवसीले कामी नहीं सी आने,
सोरा जोर उते लगा हुई है,
करना हो सो तो,
ना किये हुई हुई,
जो करना सी हो,
ते मिरे कुलो होये ही नहीं,
जो नहीं करना सी,
ते मैं सारा जोर लगा देता हुई,
मैंनु माते दे दिती गई,
के परमातमा कुछ हो रहे,
मैं कुछ हो रहा,
ते ऐस जीवन देवच मैं उस परमातमा मुझे लबना है,
इस ही दुरमत,
वाई गुरु कुछ हो रहे,
मैं कुछ हो रहा,
ऐसी विछडे हुई हूँ,
ऐसी दुरमत,
आपने मन दे मगर लाके जीवन जीना,
ऐसी दुरमत,
गुरु कोला आके कदी गुरु दी मत लई ही नहीं,
ऐसी दुरमत,
ते फिर इस दुरमत दे नाल ते सुखी होनो रहे तुसी,
इदी जगह किते गुर मत लई हुंदी,
गुर की मत तु ले आने,
पक्त बिना बड़ो बेस आने,
आज एहालात नहीं सी होने,
जाते दुरमत सगल बेनासे,
राम पगत मन पीछे,
एहो जी युगती दसो सद्गुरू मैंनु,
जिदनाल मेरी जनमां तो बनी हुई दुरमत,
जड़ी,
जड़ा सेपरिशन है,
जड़ा वक्रापान मैंनु लगदा है,
तुआरे नालों,
एह धूर हो जबे,
ते मैंनु उस राम दी सोची आ जाए,
किस राम दी,
जड़ा सारी सुरिश्टी वचे रमिया हुई है,
बलके सारी सुरिश्टी उदे तोहीं परगत हुई है,
कुई चीज रमिया हुई ताहीं हो सकती न,
कि उदे तोहीं बनिया हुई,
हुँ एक गैन है,
सोनने दा,
ते सी कह सकती है न,
कि सोनने दे वचे रमिया हुई है,
रमिया मतलब रोम,
रोम दा सोनना हुई है,
यह राम लफ़ों जो उठ मने हैं,
रमिया तो,
राम लफ़ों जिते भी आंदा,
साड़ा एकदम ते आंदशब तो राम ते चले जेंदा,
बिलकुल न ले जायों,
नहीं ते समझ नहीं पाऊगे,
राम बनिया रमिया हुई तो,
जिस तरह,
तो सोनने तो बनिया हुई है गैना,
गैने दे वचे सोनना रमिया हुई है,
मिटी तो बने कड़े दे वचे,
मिटी रमि हुई है,
यह ता मतलब है,
यह रोम रोम दे वचे शमल है,
राम कौन,
जिड़ा रोम रोम दे वचे हुई हुई है,
जाएं कहलो,
रोम रोम होदे तो ही,
बनिया हुई हुई है,
तो फिर राम कौन हो या साड़े वास्ते,
जिदे तो साड़ा रोम रोम पैदा हुई है,
जिदे तो साड़ा रोम रोम बनिया है,
जिड़ा सोरे सोरे रोम रोम दे वचे मौझूद है,
वो है राम,
बार बार दसता,
के दशन पुत्तर राम दी गुरुगरण साहब दे वचे नई मेंमा है गी,
जितने के थे आएगा,
उठे पर करन दे तोर दे,
उठे कुछ मिथालोजी जान,
हिस्टी डिसकस करन वास्ते हैंदा,
तो राम कौन हो या,
जिड़ा रोम रोम दे वचे मौझूद हुई है बलके रोम रोम दे तो बने हैं,
ये खोलना जुरूरी हुई हुई जाते दुर्मत सगल बिनासे,
राम पगत मन पीजे एहो जी जुकती दसो,
जिड़े नाल ओ जेड़ा रोम रोम च बसे हैं,
जिड़े तो मेरा रोम रोम बने हैं,
वो मैंनु किते जादा जाए वो दी पछान किते मैंनु आ जाए ते मेरा मन उदी होंदनु पुरी तरह एकसेप्ट कर लगे,
ते अपनी होंदनु,
मन अपनी होंदनु नकार के पुरं तोर ते उस राम दी होंद विच समाहित हो जवे कि मेरी मैं मर जवे,
मन मर जवे,
ते राम दी होंद मैंनु प्रगट हो जवे,
राम प्रगट हो जवे जिदे तो ये मन बने है,
जिदे तो ये शरीर बने है,
जिदे तो ये संसार बने है,
वो राम किसे तरह कोई जुगती दसो प्रगट हो जाए,
क्यों,
उदे तो बिना,
तुवाड़ा सुखी होना,
तुवाड़ा शांत होना,
तुवाड़ा अनंदित होना,
ये इम्पॉसीब है,
जिन्नी देर वो राम नहीं प्रग़ट हुन्दा,
जिन्नी देर तक उस राम दी सोजी नहीं आंदी,
उन्नी देर तक तुसी पलिखे विच,
प्राम दे विची कुंदे रहने गहम है,
मन माया मैं उरज रहू है,
बूझे नै किछ ग्याना,
कौन नाम जग जांके सिम्रे,
पावे पद निर्भाना,
मन,
माया दा पुतर,
माया मतलब पलिखा,
माया मतलब प्राम,
माया मतलब जो असली है ता वो नजर ना आनी,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पु तर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा पुतर,
माया दा � वड़ा बपार कार लेये,
सुखी हो जाँगे वड़ा मकान बना लेये,
सुखी हो जाँगे वड़ी कार ले लेये,
सुखी हो जाँगे नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं,
नहीं तसी उठे गये ते पूरी हो गयी आसी फुलाने डेरे ते चले जाईए,
बाबे दे पैर फुलाने ते कुट्टाईए,
तसी सुखी हो जाँगे इदम है न फुलाना पाठ कर लिए,
किनने ड्रामें देखो आज फुलाना फुलाना पाठ करो तसी सुखी हो जाँगे,
तसी फुलाना तोड़ी मांग पूरी हो जाँगे,
तोड़ी मनु कावना पूरी हो जाँगे कैन तु पाव के सारी युगतिया नहीं,
किनिया युगति जड़ी हुंदी हो मांदी हुंदी है,
युगति जड़ी हुंदी है मन की कर दा,
युगतिया ही देंदा युगतिया नु जे तुसी थोड़ा किनने कहने विराट रूप छी समझो,
तो संकलप वे कलप है न,
एड़ा नहीं ते,
एड़ा नहीं ते,
एड़ा नहीं ते,
एड़ा नहीं ते,
एड़ा नहीं ते,
एड़ा नहीं ते,
एड़ा नहीं ते,
एड़ा नहीं ते,
एड़ा नहीं ते,
एड़ा नहीं ते,
एड़ा नहीं ते,
एड़ा नहीं ते,
एड़ा नहीं ते,
एड़ा � मन माया में उर्जरे हूँ है। मन ता कुद माया दे पलिखे बिच उलजिया प्यागा है। क्यों?
इननु दिसदा कुछ है,
ते सचाई कुछ है। इननु सब कुछ वक्रा-वक्रा दिसना है,
पर है वक्रा-वक्रा नहीं है। यह बारवाल नु देखता है,
सचाई अंदर बैठी है। दिखो तुसी एक द्रखत नु ते आनल देखो,
तो तौनु सारे फल वक्रे-वक्रे लगे नजर आनगे,
के नहीं आनगे। कि यह सचाई है के सारे वक्रे-वक्रे नहीं है। सचाई नहीं है,
यह सुर्फ तौनु नजर आ रहे नहीं के वक्रे-वक्रे,
लेकिन तौन नल देखो,
तो सारे ही एको तने दे नाल,
जोड़े हैं,
सारे अंदर पालन हारीको तो ही तना है,
सारे अंदर पैदा करन वाला,
वो ही तना है,
वो तना जड़ा आगे फिर,
एको जड़ दे नाल,
ते एको बीच दे नाल,
जोड़े हैं। यह भिबेख अपना जगाना सी,
यह होश अपनी जगानी सी,
कि यह इस संसार तुम देखते हर का रूप है। हर रूप नदरी आया है,
हर रूप नदरी सानु नजर नहीं आंदी,
सानु इस संसार दी जड़ नजर नहीं आंदी,
सानु इस साकार दा निराका रूप समझ वच सडे नहीं आंदा। हर रूप नदरी सानु नदरी सानु नजर नजर नहीं आंदा। हर रूप नदरी सानु नजर नजर नहीं आंदा। हर रूप नदरी सानु नदरी सानु नजर नजर नहीं आंदा। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। कहनदी है प्रभू,
सत्व गरूप,
जुगती भी दासते,
मैंनु भी दासते,
मैं केड़े नामदा सिमरन करां। मैं केड़े नामदा सिमरन करां। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। लो,
किड़ा बड़ा पेद खोला लगे सत्व गरूप। गुझरान,
ये तरी गुझरान है बास। जिननी तिन्नु लोड़ा उन्ही बरतला है,
बास। कोई मालक ते तु है नहीं है दा। मालक ते तु है नहीं है दा। आसी तु मिलकियों समझ के,
आसी तु कुछ ही लबडे पेद। नहीं लबडी। तु देखलो,
इनने ने अमीर,
इनने ने दोलत बाले,
चेरे लटके हुए हैं जी,
चेरे उत्रे हुए हैं,
तैंचनां दे बेची,
फिक्रां दे बेची,
चिंतामां दे बेची,
तुरे फिर्देने,
फैदा है की हुया,
एहो जे काम दा?
चार देन दी है जिंदगी सी,
वो भी तुसी खुशिनाल नहीं जी सके,
वो भी तुसी अननदी तो होके नहीं जी सके,
ते फिर फाइदा की हुया?
फिर येदा मतलब है,
साड़ी जुगती ही गलत हो गई,
ताँईं ते गुरुज़ कहें दे,
कौन जुगती अब कीजे?
तुसी दसो सत्गुरू,
मैं केड़ी जुगती करां,
मैं केड़ा नाम सिमरन करां,
मैंनु ते इन्नाने पलेक्यां में चीपा देता है,
मेरा ते सारा जीवनी बरबाद कर देता है,
तुसी दसो सत्गुरू.
सत्गुरू कहें दे फिर एं जाचना,
जदो मैं किसे उच्छी अवस्ता दे,
मां पुर्ष कहलो,
जाओ उस परमात्मा नो ही,
जाओ उस गुरू नो ही सिद्धी कहलो,
कि मैं अपने गुरू नो,
मैं अपने संत नो,
मैं अपने प्रभु नो,
जदो मैं एं जाचना किती,
ते वो दिया दे करवेच आए,
वो दिया दे करवेच आए,
वो रह्म दे वेच आए,
उननोंनों मेरे ते तरस आया,
उननोंनों मेरे ते तरस आया,
ते फिर की उननान कीता,
पैदे आल किरपाल संत जन,
तब इह बात बताई,
सरब तरम मानों तै किये,
जै प्रभ कीरत गाई,
पैदे आल किरपाल संत जन,
तब इह बात बताई,
एथीक परिकौशन रखते चलना,
एक किसे डेरे वाले बाबे ने नहीं जे दसना,
तौडियों तारमक संस्तावां दे जो बैठे हुआ तारमक बंदे जड़े,
उननोंने ने भी नहीं जे दसना,
इह बात जड़ी गुरुज़ कह रहे है,
इनना दे पिछे लाग के अपना जीवन न बरबाद कर लेना,
तुसी गुरुगुरंच साहब दी बानी नू खुद पढ़ दे जाओ,
एहों जा करम जा गिया,
तक कोई न कोई उच्छी वस्तवाला तोड़े सामने आ जाना है,
तो सत्वुर कहेंदे,
जद मैं अपने गुरु कोल याचना कीती,
प्रभु कोल याचना कीती,
पहे दे आल किरपाल संत जन तब ये बात बताई,
उननु तरसाया मेरे उठे,
फिर उनने मैंने ये दस्या,
की दस्या सत्वुरु,
कहेंदे,
सरब तरम मानो तै किये,
जह परभु कीरत गाई है,
कहेंदे,
तु किरिया जुगतियां विच पिया हैं,
तु किरी करम कांडां दे विच पिया हैं,
तु किरे तरमां दे विच पिया हैं,
नहीं,
सरब तरम मानो तै कि,
तेरे सारे तरम,
तेरे सारे जुगतियां,
तेरे सारे ही जड़े तरिके ने,
वो इको गल दे विच आ जानदे हैं,
केड़ी गल दे विच आ जानदे हैं,
केड़ी गल दे विच आ जानदे हैं,
इको गल दे विच आ जानदे हैं,
जैह परभु कीरत गाई,
जिनने उस परभु दी कीरती गाई,
जिनने उस परभु दी सोबा गीती,
जिनने उस परभु दी सिफसला गीती,
जिनने उस परभु नु बढ़ा करके जा लिया,
जिनने उस परमातमा नु दी होंदनु द्रिड कर लिया,
जिनने उस परभु नु पछाने लिया,
जिननु पता लग गया,
ये परमातमा क्या,
किनु गया है,
मेरा उदनल की संभांद मैं कौन है,
कीरती तुसी उदी कर सकते हो ना,
जिदी तुनु पछानों बे,
जिदे बारे तुनु पता हो बे,
तो ही ते हवादे बिच तीर मार दे पिहां टोल गिया हैं,
छने बजा के,
सनु पता ही नहीं परमातमा क्या,
किनु गया है,
सनु पता ही नहीं सदा मूल की है,
आसी कौन है गिया,
तो ही ते हवादे बिच तीर मार दे पिहां,
पता नहीं सत्वे समान दे उठे बैठा है,
पता नहीं आसी नितनेम करांगे,
आसी खण पाठ करांगे,
तो कुछ परगटी हो जाना है,
कर्नवाले ने कारी दिती है,
दिखो,
कर्नवाले ने कारी दिती है,
देरे वाले कहने जी क गुर्णानिक साहब दे दर्शन है उननो,
बाबेनो,
नाम ते कहा,
चलो मैं की लाना है,
गुर्णानिक साहब चो,
गुर्णानिक साहब दे दर्शन है उननो,
गुर्णानिक साहब ने कदो किया कि तुसी मेरे दर्शन करो,
कदो किया उनने,
उनने ने किया मन तू ज तू अपने दर्शन कर,
तू देख तू है कौन है,
लेकिन उनने सनो उल्टे पसाते कि सनो गुर्णानिक साहब दे दर्शन है,
तू ये मूर्ख पंठी जड़ी है ना,
सिरफ अपने डेरे चलान वास्ते,
अपनी सुस्तावानों चलान वास्ते,
ये सा खेल रचे जान्दे गिया,
अगो जड़े आंदेने,
उननों दे पले था कुछ है नहीं,
गदियां दित्या जानदी हैं मजबूरी मिच,
गदियां दित्या जानदी हैं,
मजबूरी दे बिच गदियां दित्या जानदी हैं,
हुन भी तुसी अपिसोड देखी लिया खेल रचे जानदी गिया,
गदियां दित्या जानदी हैं मजबूری मिच,
गदियां दित्या जानदी हैं मजबूری मिच,
गदियां दित्या जानदी हैं मजबूری मिच,
गदियां दित्या जानदी हैं मजबूری मिच,
गदियां दित्या जानदी हैं मजबूری मिच,
गदियां � इदे विच आ गई हैं तिर सो एक वारी तेनु ये पिछान विच आ जाएं के मैं कौन है परमात्मा कौन है,
तेनु उदी समझ आ जाएं तेनु उदी होंद परमात्मा दी ध्रिड हो जाएं ते तेरे जीवन दे सोरे चिंता,
चोरे,
फिक्रां फुर करके उड़ जान गिया ते फिर सुखी होन वास्तबी वखरा काम थोड़ी करना सी तेरा मूल सुरूप एह हो जाएगा,
जड़ा कदी दुखी होये ही नी जड़ा हमेशा हर वक्त,
हर कली अनन्दित रहन दाएगा ते फिर तू अपने मूल सुरूप दे नाल जुड़ना तू ते उठे जुड़िया हो या जड़ा हमेशा उरजिया है मन तू ते मन दे नाल जुड़िया हो या ना,
जो मन कहंदा वो ही करना ते फिर वो ते विचारा आप मन बाया मैं उरज रहो वो ते आप ही उलजिया आया,
जड़ा आप ही दुखी है गया,
उन दे खुल मैं कहता फिर तू दुखी होना ना,
तू क्यों नहीं उठे आ जानदा,
जड़ा सर्व सुखी है,
जड़ा अनंद देता है तेरा ही ओ सुरूप है,
एक को मैं तुम दरदा ना,
एक संसार,
एक निराकार है,
तो तुसी निराकार सुरूप दे नाल क्यों नहीं जुड़ दे अपने,
तुसी सुर्तों न उठे ले जाओ ते सही,
देखो तोड़ी सुर्त अनंद देते बचा जा नहीं,
कोई चिंता,
फिकर छोड़े तुमनु रणे ही नहीं,
तो तुसी अनंदेत हो जाओ के लिए,
ये है जुगती,
जड़ी सुरूप में पुछे की सादो,
कौन जुगत है अब कीजे,
आ जुगत है कीजे,
जड़ी तुसी करो,
राम नाम नर निसबा सुर,
मैं निमख एक उड़ता रहे,
कौन कैंदा प्या तु सारा सारा दिन पाठ करी जा,
कौन कैंदा प्या तु सारा सारा दिन खंड पाठ लाई जा,
कुरिश कैंदे एक निमख,
एक निमख ने वास्ते,
किते तेनु उदी चलक मिल जाए,
किते तेरी समरिती दे विचा जाए,
किते तेनु ओ पुली जाद दुबारा आ जाए,
ते तेरा काम हो गिया.
की कैंदे सत गुरू,
एक चित जै,
एक छिन त्यायो,
काल फासके,
बीच ना आयो.
एक गुड़ा काम ते है ही नहीं सी,
एक निमख वास्ते,
एक कड़ी दे वास्ते,
एक छिन दे वास्ते भी,
अगर किते तेनु उस समरिती विच तेरी आ गया न,
तेरे मानने मन लिया,
दृड़ हो गया जे तेनु,
हाँ,
सब गोबिंद है,
सब गोबिंद है,
गोबिंद भी नहीं कुई,
ते गल खतम.
अगर ते तु नितनें फॉर्मेल्टी वास्ते कर दा सी,
अगर ते तु उदा नाम सिम्रन कर दा सी,
फॉर्मेल्टी वास्ते,
मुन तु उस शौक दे नाल करेंगा,
मुन तु छाड़ी नहीं पाएंगा,
तेरा चित बार-बार उठे जाएगा,
कोई ते तेरा मूल थी,
उस तेरा रोम-रोम उदे तो बनिया है सी,
उस राम तो,
उस राम तो तेरा रोम-रोम बनिया है सी,
जिस राम तो तेरा रोम-रोम बनिया हुए,
उस राम तो तेरा रोम-रोम बनिया हुए,
उस राम तो तेरा रोम-रोम बनिया हुए,
राम नाम नार निस बासवर में,
उस रमे हुए,
रमया तो,
दे वाल किते तो,
एक सेकिन वास्ते भी,
दिन रात,
दिन रात दा मतलूग किसे वक्त भी,
निस बासवर में,
दिन रात निकल दे,
तौड़ा जीवन की है,
दिन रात ही है,
दिन अंदर आतांद,
दिन अंदर आतांद,
तौड़ा जीवन निकल दा जा रहे हैं,
देस चिल दे हुए,
निरंतर दिन रात दे जीवन दे वच्च,
एक निमक वास्ते भी,
तौड़ा जीवन निकल दे,
तौड़ा जीवन निकल दे,
तौड़ा जीवन निकल दे,
तौड़ा जीवन निकल दे,
तौड़ा जीवन निकल दे,
तौड़ा जीवन निकल दे,
तौड़ा जीवन निकल दे,
तौड़ा जीवन निकल दे,
तौड़ा जीवन निकल दे,
तौड़ा जीवन निकल दे,
तौड़ा जीवन निकल दे,
तौड़ा जीवन निकल दे,
तौड़ा जीवन निकल दे,
राम नाम नर निसबा सुर्प मैं,
निमख एक उर तारे,
जम को त्रास मिठे नानक तै,
अपनो जनम सवारे,
जम को त्रास मिठे नानक,
त्रास डर,
जमदा डर,
जमदा डर मतलब मौत डर,
सब तो वड़ा डर,
सब तो वड़ा डर,
ऐस सुर्ष्टी दा मनने जानदा,
किड़ा डर,
मौत डर,
किभी मैं तो चले जाना है,
जे तू आया है,
तो फिर ते तू जाना है,
जो आया सो चल सी,
आनी सब की वारी,
मन दे पिछे लगे मानों पर नजर आनदा,
शरीर बनिया सी,
शरीर एक दिन खतम हो जाना है,
ऐस तरह खतम हो जाना है,
ऐस तरह मिट जाना है,
ऐस तरह अदी खुँद लोप हो जानी है,
जिदा ये कदी इठे आयी नहीं सी,
जिदा ये कदी आयी नहीं सी,
ऐस तरह लोप हो जाना है,
लिकिन ये डर खतम किदा हुबे,
ये डर खतम किदा हुबे,
गुरियों कहेंदे,
जमको त्रास मिटे,
नानक तहे,
अपनों जनब स्वारे,
जिन्नों उस राम दी समझ आ जाएगी,
जिन्नों पता लग जाएगा,
ये रोम,
रोम जेडा है ना मिरा,
जिन्नों मैं अपना समझी बैठा है,
ये मिरा आयी नहीं,
ये रोम,
रोम,
ते राम तो ही बनिया है,
ते राम दा ही है,
एक ख़डोना,
राम ने अपने खिलन वास्ते बनाया है,
इस ख़डोने दे तू,
इस संसार दे बिछों बिछरदा है,
सौर ख़डोने दे तू,
आपी बिछरदा प्या,
एक ख़डोना उदा अपना ही है,
मैं,
मैं किठें बखराएगा,
मैं ते कोई चीज है ही नहीं,
जि मैं पैदा नहीं होई,
जि मैं पैदा नहीं हुआ,
ति फिर मरेगा,
ति फिर,
इस समझ,
इस भिबेग,
इस होश,
सानों जनी देर नहीं आईगी,
ति सोडा जीवन कदी सुखी,
नहीं हो सकता,
इस जमा दा डर,
कदी भी दूर,
नहीं हो सकता,
सानों पर तक सामने दिसना,
आ भी रहा,
जाए भी रहा,
ति सत गुरु क्यों कहेंगे,
नहीं किछ जनमे,
नहीं किछ मरे,
आपन चलत,
आप ही करे,
कहेंगे ति तमाशा हुँदा,
कौन हुआ,
कौन हुआ,
इस तो चलत,
इस तो तमाशा हो गया,
इस तो तमाशा हो गया तोड़े सामने,
नहां किछ आईबो,
नहां किछ जाईबो,
हराम की दुखाई,
दसो ना,
फिर सत गुरु क्यों कहेंगे,
इस खोजन दा विशा है,
जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक जिननी देर तक