08:23

जब मन में अँधेरा छाया हो - परमात्मा का एहसास करें

by BK Shaifali

Type
guided
Activity
Meditation
Suitable for
Everyone

जब मन में भय, चिंता और व्यर्थ विचारों का बोझ हो, और आप दिव्य अनुभूति करना चाहते हो, तब यह मैडिटेशन का अभ्यास करके अलौकिक परमात्म अनुभूति में खो जाए जब आप इस मेडिटेशन को करते हो, तो पहले तो आपके मन में जमा भय, चिंता और व्यर्थ विचार धीरे-धीरे ढीले पड़ने लगते हैं। जैसे-जैसे आप दिव्य प्रकाश में खोते हो, परमात्मा की याद से आपके भीतर शांति की लहर दौड़ जाती है। आप महसूस करते हो कि आपकी आत्मा बहुत हल्की हो गई है और तन-मन दोनों में सुकून छा गया है। दूसरी बात, निरंतर प्रैक्टिस से आप परमात्मा की शक्ति से जुड़ जाते हो। आपका आत्म-विश्वास बढ़ता है, क्योंकि आप जानते हो कि परमात्मा की ऊर्जा आपके साथ है। जीवन की हर चुनौती में आप अडिग रहते हो, क्योंकि आपकी आत्मा अब आत्म-चेतना से जगमगा रही है।

MeditationDivine ExperienceFearAnxietyNegative ThoughtsRelaxationSelf ConfidenceSpiritualityBreath AwarenessVisualizationDetachmentEnlightenmentElemental BreathingDivine Light VisualizationDetachment PracticeSupreme Light InteractionNegative Thought ReleaseEnlightenment Experience

Transcript

ओम शान्ति अपना पूरा ध्यान अपनी श्वासों पर केंद्रित करें आती जाती श्वासों को मैसूस करें श्वास का आना जाना इस शरीर को जीवित रख रहा है हर श्वास के साथ शरीर की क्रिया को मैसूस करें और इस शरीर के अंदर रहने वाली चेतन्य उर्जा को रियलाइज करें पांच तत्वों से बना ये शरीर और इसकी अंदर मैं चेतन्य शक्ति मस्तिश्क के बीचों बीच विजिलाइज करें ये फिजिकल बॉड़ी और इस बॉड़ी के माथी में चमक्ती हुई मैं चेतन्य उर्जा लाइट हूँ और फिल करें कैसे ये लाइट पूरे शरीर में प्रवाहित हो रही है मन की आँखों से देखें ये डिवाइन लाइट पैरों में,

हाथों में,

चहरें में,

पूरे शरीर में है मेरे मस्तिश्क में ये लाइट प्रवाहित हो रही है और इस लाइट में फिल करें जैसे फिजिकल सिल्फ मर्ज होता जा रहा है और पूरी बड़ी में लाइट इमर्ज हो रही है फिजिकल बड़ी मर्ज,

लाइट की बड़ी इमर्ज हो रही है खुद को डिटाज करें इस बढ़ी से और ले चलते हैं स्वेम को यहां से दूर,

इस बिल्डिंग से उपर विजिलाइस करें,

बढ़ी वहां उसी पुजिशन में बिल्कुल सेफ है और मैं लाइट की बढ़ी के साथ उपर,

आस्मान के पार जा रहा हूं बिल्कुल हलका प्रकाश में,

एक वाइट लाइट की दुनिया में सफेद प्रकाश चारों और यह प्रकाश साधारन नहीं,

दिव्य है अलाकिक है,

सुखदाई है देखें,

मेरे सामने वो सुप्रीम लाइट,

सुप्रीम लाइट की उर्जाव मुझे और भी प्रकाशवान बना रही है,

सुप्रीम लाइट एक फरिष्टे का आकार ले लेते हैं और अपने डिवाइन हाथ से,

लाइट के हाथ से मेरे माथे को सपर्श करते हैं और मेरी मन के ऊपर जो भी व्यारत नकरात्मक प्रभाव हैं,

उनसे मुक्त कर रही हैं मेरा मन शान्त हो रहा है,

दुनिया के सारे विचार क्या हो रहा,

कैसे हो रहा,

क्यों हो रहा इन सब से मैं मुक्त हो गई वो दिवाइन लाइट मुझे शक्ति शाली बना रहे हैं सुप्रीम लाइट की प्रजिन्स में,

मेरे अंदर के सारे वियर्थ विचार शान्त हो गई और मेरी लाइट बढ़ती जा रही है इसी स्थिती में धीरे धीरे मैं खुदको वापस ले आता हूँ पूरी तरह इनलाइटन्ट,

प्रकाश से भरपूर,

बिल्कुल हलका वापस इसी दुनिया में,

उसी स्थान पर,

बिल्कुल रिलाक्स्ट ओम शंति

Meet your Teacher

BK ShaifaliMount Abu, Rajasthan 307501, India

More from BK Shaifali

Loading...

Related Meditations

Loading...

Related Teachers

Loading...
© 2026 BK Shaifali. All rights reserved. All copyright in this work remains with the original creator. No part of this material may be reproduced, distributed, or transmitted in any form or by any means, without the prior written permission of the copyright owner.

How can we help?

Sleep better
Reduce stress or anxiety
Meditation
Spirituality
Something else