
जब मन में अँधेरा छाया हो - परमात्मा का एहसास करें
by BK Shaifali
जब मन में भय, चिंता और व्यर्थ विचारों का बोझ हो, और आप दिव्य अनुभूति करना चाहते हो, तब यह मैडिटेशन का अभ्यास करके अलौकिक परमात्म अनुभूति में खो जाए जब आप इस मेडिटेशन को करते हो, तो पहले तो आपके मन में जमा भय, चिंता और व्यर्थ विचार धीरे-धीरे ढीले पड़ने लगते हैं। जैसे-जैसे आप दिव्य प्रकाश में खोते हो, परमात्मा की याद से आपके भीतर शांति की लहर दौड़ जाती है। आप महसूस करते हो कि आपकी आत्मा बहुत हल्की हो गई है और तन-मन दोनों में सुकून छा गया है। दूसरी बात, निरंतर प्रैक्टिस से आप परमात्मा की शक्ति से जुड़ जाते हो। आपका आत्म-विश्वास बढ़ता है, क्योंकि आप जानते हो कि परमात्मा की ऊर्जा आपके साथ है। जीवन की हर चुनौती में आप अडिग रहते हो, क्योंकि आपकी आत्मा अब आत्म-चेतना से जगमगा रही है।
Meet your Teacher

Mount Abu, Rajasthan 307501, India
