
ध्यान और भक्ति का रहस्य: स्वयं से परमात्मा तक
by Sonu Jadaun
स्वयं की खोज से परमात्मा के बोध तक" की इस दिव्य यात्रा में आपका स्वागत है। यह ऑडियो सत्र विशेष रूप से उन साधकों के लिए तैयार किया गया है जो ध्यान और भक्ति के वास्तविक रहस्य को समझना चाहते हैं। पूज्य सद्गुरु श्री प्रेमानंद महाराज जी की प्रेरणा से ओतप्रोत इस चर्चा में, हम मांडूक्य उपनिषद में वर्णित हमारे अस्तित्व की चार मुख्य अवस्थाओं—जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति और तुरीय—की सरल व्याख्या करेंगे। अक्सर हम बाहरी दुनिया में उलझे रहते हैं, लेकिन वास्तविक शांति तब मिलती है जब हम 'साक्षी भाव' को अपनाते हैं। इस सत्र के माध्यम से आप जानेंगे कि कैसे वर्तमान की हर स्थिति, चाहे वह सुख हो या दुख, आपकी आध्यात्मिक यात्रा का प्रस्थान बिंदु बन सकती है। हम चर्चा करेंगे कि किस प्रकार अपनी सांसों पर नियंत्रण और 'श्री हरिवंश' नाम के आश्रय से अहंकार को मिटाया जा सकता है।
Meet your Teacher

Dholpur, Rajasthan, India
