पूरी पर है,
लेकिन अगर हम कहे हैं कि टेड़ी एंसे आपकी जैना तरह हैं,
तो वो बड़ी हैं,
तो वहाँ चाहते हैं आपको सबसे पहले स्वागत मोर करेंगे,
तो गर्मिनी पीकॉक्स,
इतने प्यारी आवाज़े करते हैं वो,
और बहुत ही सुन्दर ग्रींट्री हैं,
क आपको बहुत अपर बात हैं। यूजियों है जहांपर आपको भारत की इस प्री-अस्ट्रेच्ट्र मुज्यम हैं तो वो पूरे ही मुज्यम को आप कई वर्षों से संभाल रहे हैं और हमारे ओमशा देरिटरी सेंटर के आप एक सीनिर फाकृटी हैं और इस बरतमान समय हम सबका भागे की हमारा जो बाम ड्राइव है कभी आप आहम पर अपनी सेवाई दे रहे हैं। हम कितने दिनों के लिए बनाने वाले हैं?
ब्रांड़ी तो एक दिन में क्या मैजिक होने वाला है?
एक दिन के अंदर शब्रातवी हम सुगे से रखे शाम तक उसके बाद खतम। शबावसे कोई नाता नहीं। जैसे आप 15 अगस्वाले दिन साले भखती के गीत रेडियो में,
टीवी में सुनाई देते हो वान देख। उसके ना एक दिन पहले राष्ट भखती होती है न तो शिवाबा के कितने देन के लिए?
उसके बाद शुरी कृष्ण जी,
उसके बाद शुरी राम जी.
उसके बाद देवी मा,
उसके बाद गरीश ची,
उसवकी कितने-कितने दिल फिक्स हैं। प्रश नुटता है न,
कि हम किती जड़ी स्विश करेंगे। तो शिव्राज्री को वन देखो। उसे गाओगा एक दिन के लिए मैंने जया हम गये मतने में तत्रुरा माँ चलोजी परंपरा चला दिया और हम बहती करके आँगे और एक दिन के लिए मैंने बरत रत लिया। हो जाएगा उससे। दोर। प्रेटीक एक एक जो विच्वल है उस एक एक विच्वल का आध्यात्मिक आत्म जो भी हमने समझा। उस दिन हम जागरत करते हैं। जानों अर्थात सारी राह जागते हैं,
लाखों लोग जागेंगे उस दिल वो बोली नहां जाकर मेडिकेशन करेंगे। तो एक दिन के लिए हमने रात को जाना है। तो क्या उसर दगाँ दूर जाएंगे,
वादने के लिए?
एक धिक्रेंग्र भाँगतुरा चलाया तो क्या उस से हमारे अगर के अभूल दूर हो जाएंगे?
तो ये जो एक उनका यादगार है,
ये वास्तव में हमने कभी अपनी लाइफ में उदारावद और जब हमने उसको भी लाइफ में उदारा था और जब हमने वास्तव में अपने अंदर के अगुल परमात्मा पे पिता के सिवाई मा के सिवाई कोई बच्चों के आगुण लेता नहीं है। दूसरे तो थोड़ा कम्प्लेन कर देते हैं कि आपने में गुसर किया कैसे हैं हम आपको देख रहेंगे आपने हमें इस शब्द बोला कैसे हम आपको रेट रहेंगे। लेकिन मात्र पिता हजान बारते भी अंदर समाके क्या कहते हैं मेरा बच्चा। फिर हम उसके लिए शुब्भावना शुब्काम्दा रखेंगे के लिए शक्ति मात पिता में होती हैं। तो शुपता वो एक पिता है निराकार शिव परमातमा देवों के देव। इसने कहा वो देवों के देवों के देव। उनके भी वो पिता है। केवल वही है जे जो कभी भी जनव और वित्यों के चक्र में नहीं आते,
अचनमा है,
अभोगता है,
अकरता है। अस्वर्जिताई बाकि सब देवी देवताएं जनम और मृत्यों के चक्र में आकर देवी गुडो में लेते हैं देवता अथा देवी गुडो वाली आत्मा शिव बर्मात्मा अथा देवी गुडो जनम और मिर्त्यों के चक्रों से पहे हैं। तो वो हम सभी आत्माओं का पिता परमात्मा एक है। और वहीं परमात्मा जब आते हैं तो अपने बच्चों के अवगुण अधेती हैं कोई विश्च ये ने तो उससे मेरा क्या करना होगा?
लेकिन कोई मेरे अबोर्ड लेने तो मुस्को बोड़े है तब इवी हमारा जब भळा होता है तो हम याद करते हैं,
हमारा भळा नहीं होता है तो हम अपनों को भी याद नहीं करते हैं। तो उसने भला किया है। हमारे अबगुण लिये हैं और वही अबगुण को हमें पॉइजन के लोग में कहा,
विश के लोग में कहा कि उसके हमारे अबगुण लिये हैं। कार कंटों को दूर किया है तो वो समय कम था जब ऐसा हुआ था और यादगार के लूप में हम एक दिन बनाते हैं। किसी ने जनव किया कभी?
लेकिन फिर हम birthday हर सान एक दिन मनाते हैं,
जैसे गाली जैती मनाते हैं,
वाण्डे लेकिन गान्दी जी में बहुत कुछ करते गए हैं,
तो हम उनका याद्धा रुप में एक दिन बनाते हैं,
लेकिन किया तो उन्हें बहुत समय के लिए न.
ऐसे ही शिर्वपर्मात्मा ने आपके इस पूरी सुष्टी के आतमों का कल्यान किया था। तो हम वो यादगार पुरे वर्ष में एक दिन के लिए बनाते हैं। तो वो कब दिया था हमारे अगुण कब दिये थे और हमने कब दिये थे हमने अगुण जिसको हम फिर यादगार के रूप में धदोरा,
भांग,
अककापूल उस रूप में बेर चड़ाते हैं कि आपने हमें हमारे अगुण लिये थे और हमें अपने समान पवित्र बनाया जराते हैं बहुत जदाखी निशानी तो वो हुआ कभ था,
वो समे कभ था और ठीके साथ हुआ था यह। किंके साथ हुआ था,
किंके आपर उन्होंने लिए थे,
कौन है वो,
कहाँ है वो?
कौन है,
वो कहा है,
वो किन होने अपने आपको दिये थे उन बेच्योगो परमात्मा लिए अम्रिज पिलाकर देवता वनाया था इसलिए कहते देवताओं ने अमर्द पिया था रहे से जिन होड़े अमर्द पिया वो देवता वन गए। कौंग रुदको सथा तो वो अमरिथ था घ्यान का अमरिथ पानी का उम्रत नहीं था। जब ज्यान दावनें पिया तो वो विच्चों उन्हें अपने अवण दिये और घ्यान अवरित से आत्मा शुदू ही कि आत्मा को तो पानी टेच भी नहीं कर सकता,
पानी तो मुख पीता है। अवहोंतो आत्मा में है,
पापात्मा,
पुन्नयात्मा,
देवात्मा किसके लिए आत्मा के उपर टाइटल्स आते हैं तो आत्मा पारी नहीं गरेंग कर सकती। अप्रत्वाला जैलनी देहन कर सकते हैं। आत्मा घ्यानों दिख्षैं करती हैं। तो बनती है जो भी ज्यान की बात आती है उसकी तुलाफ़ित अमर्द से की देवें। कुल वर्षा अमर्द की। तो हुई वर्षा अमरत के कौन से वर्षा है?
अब हमने तो पितनी बार वो वर्षा गी हुई है,
हुई वर्षा?
कु पाही गया हुआ उससे तो शुकु गई पिर कौन सी वर्षा हुई थी?
जिससे हम शुद्ध हुए थे तो वो मुआ था तो हम यादगा के रूम में विवर्षा अमृत की गाते हैं। कब हुआ था किसने किया था परमात्मा ज्ञान के सागर ने क्यांके साथ तो उन्होंने ज्यान के वर्षा की थी। जिस ज्यान को आत्मा ने ग्रेंब किया था और जब आत्मा ने ग्रेंब किया था तब वो आत्मा पत्स से पावण नहीं थी। और सृष्टी का लौ है नियम है पावन आत्मा दुखी नहीं हो सकता। दुख तभी हमें बिल सकता है जब आर्थमा विकारों में जाये परत्यत खोजने काम क्रोध लोबों एंका रिश्यो तेश तोईश अनिका निखे तब तो गाया है दुख में सिम्रण तो गाया है। सोपंबे तो कभी कोई समय रहा होगा न। जब हमने स्विवर्ण नहीं किया होगा और हम सुखी थे,
ऐसा हो नहीं सकता बच्चा जरमते ही माता पिता वोरे दुक,
दुक,
दुक,
दुक शोड़ा विच्चाव लोधा दुखी निरुदा कम से कम एक वर्ष उतर जब तब उसके समझ नहीं आती है। दुलिया हमारे लिए नहीं आते हैं। वो दुख ही नहीं होता है। वो क्या होता है?
वो रोता है। दुख नहीं होता है। संकर विकल्क तो उसको आते ही नहीं है। तो ऐसा सुष्टी में समय था। जब हाँ सब्पोर्ट सुखी थे इसलिए गाय हुआ सुख में सिर्वर्ण कोई ना करें दुख में सिर्वन,
सर्वन करते हैं। जब सुख है तो दुख है,
दुख है तो सुख है। हाँ ये हुआ है कि इस सुष्ठी पर जब हम आये थे तो आदा कर्व तक है। हमें कोई दुख नहीं था। तो चोटे बिच्चे के समाद उससे कोई पूछे अच्छा तुलको टेंशन है तो वो आपके शकल देती गई टेंशन की बात है प्राक्टिकल हमारे साथ हुआ तंदू बच्चिया थी हमनों से कोला आपको कुछ पतकता है?
सुचा ये क्या भूले वापस अपने काम में रहते हैं,
खेल रहते हैं। तो हमारे साथ भी ऐसा था सरू जब हमें दुखती भाषा का पता नहीं था इस सुष्ट्य बहुत सुख पाली थी उसको सुखदाम कहते थे। पूछते हैं कि आप बहुत सुखी होते हैं,
तो पूछते हैं कि आप बहुत सुखी होते हैं,
तो पूछते हैं कि आप बहुत सुखी होते हैं,
तो पूछते हैं कि आप बहुत सुखी होते हैं,
तो पूछते हैं कि आप बहुत सुखी होते हैं,
तो पूछते हैं कि आप बहुत स पेज़ो सुखते हैं उस सुष्ठी कोताव,
इसी दार्थी कोताव स्वद्र कहा जाता था,
स्वद्र की पहिवाशा है,
जहाँ एक भी आत्मा कभी भी दुखी ना हो। एक भी नहीं। अगर 850 करोड अभी है तो हम स्वर्ग तब कहें सकते हैं जब 850 करोड में से एक भी दुखी ना हो टिक स्वर्ग है। एक भी दुखी है,
तो हम इसको सॉल्व नहीं कहते हैं। आत्यात्मित्ता कहती है कि वो और कोई नहीं थे हम ही थे कि हमने अपने आपको दिये थे। और उस पर्मात्मा पिता ने,
शिव पिता ने हमको अंतिलार से प्रकाश की और लाया था और उसने हमारे अभून हारे थे। और इसकी प्रस्तेस्वार्ण बनी थी और बहुत कार तक इस सुष्टी पर कोई दुख नहीं था। हमसं पाहित्र देवा आत्माईं ठी तो उसको हम याद कर रहे हैं और तभी एक दिन के लिए याद का रूप में हम उसको धन्यवाद करते हैं जाते हैं और याद करते हैं कभी हमने अबुन चड़ाए थे और उन्होंने हमारे अबुन हरे थे ये थे इरे अब क्या करें अब भी होई एक दिवाले से काम चलेगा,
बेध,
हतूरा,
भाम या प्राक्टिकल में चलाना है,
प्राक्टिकल में बेध चलेगा। क्या करते हैं क्या करते हैं शिवरात्री सुच्ची सुच्ची में मनानी है सच्ची सच्ची में मनाने का एक यह है जागरण अथा जागृत रहना जागृत करना अथा जागृत रहना श्वै कौन मुझे या कौन है?
यह भूला नहीं है इसको याद करते हो अपना धर्ती बर अपना पाठ पे कर। अरदा वाजू सूपर स्टाफ बहुत सारे लोड पे एक चर्दा निवार है,
शोटिंग पे है,
कुली का सेट है। तो कुरी के वस्तर है,
कुरी के बास्ट्यूम है और सेट पर चल रहे हैं ड्रामा कुली का बच्चा भीबार है,
पैसे है नहीं,
दस हंदार उपे लेने हैं,
पैसे है नहीं,
और रात दिन जो हैं,
क्या कर रहें?
बोज हट हो रहे हैं ताकि पैसे जमां हो जाएं सामने से ट्रेन आती हैं विमान है गागिज जो है बहुत सारा है पसीने से बेहार हैं और वो समान रखते हैं जैसे पैसे लेने को होते हैं या जो यात्री होता हो लगे सेट करना हैं ट्रेन चल पड़ती हैं चल्दी से उताते हैं और पैसे नहीं पर वहाँ रूते हैं। आई मेरा बच्चा। इस ममें कौन सा किर्दार चल रहा है?
खुले का है वो कौन?
हैंगो कट किर्दा कौन सा पे चलना है?
है वो कौन?
है वो कौन?
अभिता पच्चन सुम्प सरके दार कौन सर चल रहा है?
पेगो लंग है ओकोंट अग क्रिकुरी का बच्चा इसमें क्या है लेकिन सूपर्सार का बच्चा कहाँ है?
बारू बॉम्बे,
सूपरस्तार पर बच्चे का नाम क्या है?
कुली का वच्चा है राजू अपतिर दार कौन साथ चल रहा है?
है वो कौन?
किता कौन से चर रहा है?
पैड़ा बोलकों अप इमाश्ण नहीं। उनको इमोशनली उनको किसके साथ कनेक्टर रहना है कुरी के साथ या आयाज अमितावचन?
क्योंकि इसमें इसमें इसमें इसमें इसमें इसमें इसमें दुआरा से प्रभाई से सोचने पिर्दाल कुरी का शर्रा है है वो कौन?
किसके साथ connected रहें?
आपको अपने अपने अपने अपने अपने अपने पाइड़ा किसमें कौन कहता है कुली बन गया है तो जाधा फायदा उनका हमारे के लिए कतने के साथ कौन कहते है सूपर एक जिन में हाथ उठाओ क्योंकि हमारी खुदकी कहानी है। कौन कहता है सूपर स्टार बढ़के रहे हैं?
तोड़का पादा बड़ा बड़ा हाथ खड़ा करते हैं। आपको सब दोगेदा हैं हम आत्मा हैं। हम आत्मा हैं। हम आत्मा हैं। हम आत्मा हैं। हम आत्मा हैं। हम आत्मा हैं। हम आत्मा हैं। हम आत्मा हैं। हम आत्मा हैं। केवज क्या निकल गया है इस चलीज से?
Light वह उस लाइट को कहते हैं जव्यात्मा,
वह यहाँ हैं वस्तर के बीच,
अद्रिश्यात्मा हैं। वो दिखली पर शरीर होता है। वाल्मालिदात तो मैं कौन हूँ?
मैं इक गिर्णाल हूँ जो इस शहीदवार बजा रहा हूँ। यहाँ मैं वो लाइट हूँ,
जिससे इस शरीव का प्रकाश है,
जिससे शरीव के दिर्वता वैल्यू है,
मैं मा भी उपता भी हूँ,
लेकिन किसकी वाज़े से?
एक लाइट की वाज़े से.
मैं कौन दू?
बैट कौन?
मैं लाइट हूँ या किर्टा हूँ। किर्दार बजा रहे हैं पर वो किर्दार नहीं है। दियावा किर्दार है इस पार्ट का बजा रहे हैं। इससे पहले भी कई किर्दार निमा हैं। शूटिंग बहुत सारी किये हैं इसके पड़े शूटिंग नहीं है अभी मेल थी मेल फिर मेल थी मेर थी कई का कोई जम्हिदार आओंगा?
किसी आर्मियो ओफिसर में रहा हूँ?
कुछ विन्दस्पैन लाओंगा,
कुई और प्रिदाता,
उससे पहले कुई और प्रिदाता,
कौन बजारा प्रिदाता?
आदमा लैंट और वो लाइट कहता है यह सुर्ज्जी पर बाहर चल रहा है,
पर मैं नहीं हूँ। मैं कुली नहीं हूँ सूपर स्टार्ब पहली पहली पोयाम अगर बच्चवन में हम साँ में अपनी खुदरी याद की थी कौंसी है फ़र्स पोयम हम सब कहूँ?
सब कहूँ Twinkle Twinkle Little Star How I wonder what you are Up above the world so high Like a diamond in the sky कोई नहीं भगवाद को दोश ले सकता है। मेरा परिशने मुझे क्यों नहीं दिया कि मैं सुपर्स्ट चाहता बाद मुझे पुरी मण के लिए नहीं दिया। कोई नहीं दोश ले सकता है। बबाग कहे न पहली पहली पयम है। इनने तुम्हारी कुछ की बतायी थी कि तुम पहली पहली पयम है। स्टेला आप एक डाइमन हैं। आप मेरे डाइमन चाई हैं। आप मेरे बच्चे हूँ वहाँ से आये हूँ। किर्दार निभाने के लिए आये। शुरु शो में किर्दार एवन था। हम सब देव आतमाई थी। यहाँ पर आप ऐसे नहीं बैठे हो। आप सब महान आतमाई,
देव आतमाई का किर्दार प्ले करके यह नास पड़ा बेगल का रोल आगे। पहले लोग ऐसा नहीं था। बहले लोड आपको बता है आप सबकी क्या कहते हैं बड़ी बड़ी मैल थे। बड़े बड़े में थे,
विश्वद विमान थे आप से क्यों?
हम आपको सत्य बता रहे हैं अगर आप भवेश्या वाडिया पीछे पीछे पीछे कहीं निकालेंगे तो यहीं आरे वाली आपके प्रभविश्यों आनी है। कि आप बहुत बड़े हैं,
आप देवधराणी की आत्मा हैं यहाँ विश्णकूर की आत्मा हैं यहाँ बैठी हुई हैं। लेकिन अभी वो खिर्दान थोड़ा सा ट्रैमेस आ गया है,
तो सत्यूत्रेता वावपर कल्यूद। केलीव के सबे ये सारी हीरो एक्टर क्या बन गयें थोड़े से?
देगल भाई पुने अब याद करने उसको पिता परमात्मा आओ कालकण तक दूर करो और हमें प्रताश दो तो वो पिता कहते हैं जारवरण पर जागन को जागर हो जाओ तुम्हारा जागरण ही तुमको काल कंटक से दूर ले जाएगा,
अंदर काल से दूर ले जाएगा,
जागरण करो जागरण करो कल्योगल में सहज यपाय बताती ये सभी कथाओं में हैं। कि ये प्रभू जब इतने दुख होंगे। जब आत्मा की शक्ति बिल्कुल खदम हो चुती है। ऐसी में कुछ हैं जी रास्ता बदाओ हमारे पाल प्रति जाएं। हमारी काल प्रंटे को दूर हो जाये और हम आपको प्राप्त करने कोई सहेज दे सहेज रस्ता बताओ परुप। तो उस लोगों ने कहा कि मैं सहज इतने सहज रस्ता बताता हूँ जागरण सबसे वहले अपने को देही मत समझूँ। दिये अर्था विका नीचे आजाओ। और वो विकाल दुखों का पहार बढ़ा देगा,
दलदल बढ़ा देगा,
वो बाहर नहीं विकलने देगा। तो सब इसे पहले अपना को बार बार बार बार पाठ पक्ता करो,
तो मैं दिर्वयात्मा हूँ,
मेरी संतान हूँ। श्रेष्ट आत्माओं,
महान आत्माओं,
जब जब ये याद करोगे। तब तब ये स्विती तुमको रजा उठा देवी। परमात्मा के लिए हमने आर्थी गाते हैं पार ब्रह्म परमेश्वर अर्था परेत परा ब्रह्म लोग में रहने वाले परम ईश्वर अब अबद्धा वर्सो आये,
मतलब हम भी से आये हैं जहांसे वो पिता आता है। तो हम दोरोगा स्थानिक है। मैं श्रेज आत्मा किसी मनुश्य के संथान नहीं हूँ। मैं इनकी संथान हूँ। और जब इनकी संतान हूँ तो मेरा इन पे बरम अधिकार है। बेदर बच्चा बनता नहीं और पिता से यह नहीं कहता पिताजी प्लीज जब कमाऊंगा न तब तक मुझे गाड़ी का थोड़ा साप्री गाड़ी में चड़ने तो क्या कहते हैं जैसे गाड़ी आती हैं कालादी तो क्या कहते हैं देड़ी गाड़ने करते हैं गायते हैं सक उच्छा क्या कहता है?
मेरा खाल है। तो ये पिता किसके है?
मेरे पिता तो उनकी हाई शीस किसकी?
ये सुख के सागर है,
प्रेम के सागर है,
आनंत के सागर है,
सर्वशक्ति मान है,
तीनों लोगों के स्वामी है। तो होरी इस्ते हमारी इस्ते हैं इनकी मैं संतान तो इतिजा करना पड़े हैं जो इनका वो मेरे पास है। ये सागई सुखरें अपना बच्चा तुखी इंतजार करो। कीरे प्रभू कृपा करो मैं अधिकारी बच्चा तो अधिकारी भख्त तो भीकारी क्यों भख्त के साथ आता है भटकना भटकना बच्चा डून रहा है पिता को मिला नहीं है मिल गया तो वो बच्चा। रोना गोबड़ तो भरतो मानता है धया करो रिपा करो बच्चा अधिकार रखता है तो आज हम यहाँ पर आए हैं भक्त से बच्चा वनने इसी शिलाद्री में हम क्या बढ़ जाये सब?
अब हम ढूड़ने का पार्ट पुरा मेरे पिता मुझे मिल गई हैं। मैं उसकी कौन हूँ?
संतान। क्योंकि आत्मा किसे मनुष्य में संतान होनी सकती है। विद्धू सुरुपात्मा। जोती सोरू की जी संतान हुई। मनुष्य मनुष्य का संतान। खर्गोष खर्गोष का बच्या। हाती हाती का बच्या। चुड़िया चुड़िया का बच्या। आतमा पर मातमा का बच्चा तो मैं आत्मा किसकी संता?
शिव पिता के संतान हूँ,
तो मैं उसका कौन हूँ?
बच्चा हूँ। बच्चा हूँ तो अधिकान हूँ। और ये हम आपको guarantee देते हैं। कोई बात आ जाए,
कुछ भी आ जाए,
एक छोटा पच्चा जो हगर रख के बोलता है,
आप बैठे हो मैं क्यों सोचते हैं मैं कुछ इसता गरना पाता है बड़ी से बड़ी टेंशन में आज लगे से सुपूछो। क्या वो कुछ हुआ पता नहीं पापा?
तो हमारे साथ भी कभी भी कुछ भी हो,
जाग रनती,
जाग रण,
जाग रण,
जाग रण,
जाग रण,
मैं कौन मेरे लिए। मैं कौन,
मेरा कौन सानारंता में मत आना कुरी मत पढ़ जाना मैं सुपर स्टार हूँ स्टार। ट्रीकर ट्रीकर सुपर स्टार। एक एक सुप्रीम सुप्रीम सुप्रीम सुप्रीम स्टार। इसको कहते है जागरण,
ये जागरण काल कंटल दूर करेगा,
रात को जागर के और अपने आपको बुली समझ के काल कंटल दूर करेगा। कभी नहीं हो सकते हैं आप सोसा लगाने के लिए लेकिन आप जो जीवन में आपको मिला वरोड प्ले करें। पिता का रोल,
मा का रोल,
पत्मी का रोल,
पती का रोल खरम करने आये न सिश्ठी पर किर्दार निभाना पड़ेगा,
वजाना पड़ेगा। खुली का गोरेम्सा पेशन को प्लेय करना पड़ेगा लेकिन याद क्या करना पड़ेगा मैं खुली नहीं हूँ मैं सुपर्स्टार हूँ तो जो भी गंदार है लेकिन तो करना पड़ेगा विभाना पड़ेगा लेकिन विभाते हुए जागरण सदा का जागरण एक रात का जागरण नहीं। सदा का जागरण मैं कौन मेरा कौन। परवातला पिता कहते हैं काल कंटक दोर्ड खेल का भर्दारा पर पूरा ताथ हेल्ट तन्द स्वास्तु मन स्वास्तु जितना आपको चाहिए कभी नहीं आ सकती हम नहीं कहते की अर्बोग अर्बोग होते हैं लेकिन ये हमारा विश्वास है। कि कभी ये जनूरत है। जो है उपूरी ना हो असंभाव शिव का बंदारा बरपूर काल कर्टक दूर। में इस श्रेष देवाँ दाखना मेरी पेली पोयम। और मैं उस पिता पर्मात्मा की संतान हूँ। वो हर समय याद रखें। आओ तो मेरे पिता है न। मैं क्यों सोच्छू?
कर सकते हैं और हम इटको क्या कहते हैं बोले बाबा बोले नाथ,
बोले बाबा,
भुला है वो बहुत बोला था जब जागरती आ गेंगा अवका मैंनी गलत करूँगा। तो अपने अमुण डालते जा और डालते जा कुलो दाया बत करने हो देख लो क्या क्या क्या क्या क्या क्या क्या क्या क्या क्या कोई रिच्के सुधरे कोई ठीक हुआ हुआ कोई ठीक कोई ऐसा है इन्हाँ पर?
जो ये करें कि मैंने कोई तोस्ते किसी को ठीक कर दिया है इहाँ पर कोई?
लोगों से मेरे बंधारे पर पूर हो गए। डिसर्वश्य कहती है जिनके पार जादा सैबरी,
जिनके पार जादा तना,
उनको जादा होगी। उनके उतनी लोग सारा होते हैं। तो लोग से किसी के वन्दाई के लिए आपने लोगों हैं। एहिकार से किसी को मान मिला तो इन जो विकार हम सबने देखा है इन विकारों से हम अत्रक्त हुए हैं। भरपूर नहीं हो रहे हैं। इन विकारों ने हमें खाली किया है। तो अब,
जब हमारे अंदर जागरती आ रही हैं,
हमने भरपूरा उस पितास्यों होना है। विकार उसे नहीं होना है। विकार आएगे कहेंगे,
मैं बैठा हूँ,
मैं तुम्हारे भंदाये भर्पूर करूँगा,
हमें पता है,
वो माया है,
वह बहुत बड़ा धुखा है,
हम खरी हो जाएंगे। कर्मों से खारी हो जाएगे,
भाग्गे से खारी हो जाएगे। ये guarantee है। लोग यूज़ कर लिए करम नीची आएंगे और हमारे जो भाग्गे है वो खाली कर देगा। एनका रस्ट्रेक नहीं देगा। हमें अपनों से दूर रदे कर खारी कर देना तो ये विकार क्या करते जा रहे हैं?
हाँ वे हमारा भव्ये खटम करते जाएगी। क्योंकि ये भुद्धी करम शेष है। करम पदहाँ चित्वी है तो यिस्वरात्री में हम अपने साथ प्रण करें। कि विकाम होगे अब हर शणते में। जो आज जब भी आये की मैं गुसे से करूँ या शाती से?
शाती से। लोग से करो या स्वार्ध भाग से?
आप देखिए आपके भागे कैसे बढ़पूर होते हैं। करम हमारे भागे को शेष बना देता हमारे जीवन को शेष बना देता है तो अभी शिवरात्री जो हमें बना ली है सच्ची सच्ची शिवरात्री मनानी हैं। सच्चा सच्चा हमें शिव पर अर्पण होना है। अर्थांत अपने विकारों को अर्पण होना है। सिरव शिव को मानानी हैं। उसकी मानानी हैं। वो मेरे बिदा है। और जागरत अपने आपको सदा जागरत रखना है तो लास्ट जब हम अपनी को आत्मा समझते हैं। उस पिता को याद करते हैं,
बहुत बड़ी हमारी लॉटर निकलते हैं। हमारी ये टोटल 84 जनवलाख नहीं है शुकारम आगे कल्यों में बहुत जागा ही है थोड़ा समय और कल्यों कर पिर सत्योग के ओर चलेंगे। बहुत अच्छा समय आने वाला है। आप सब अगर भुरुगुरिशी के पार जाएंगे तो आप सबको भुरुगुरिशी बताएंगे कि आगे के आखे जो समय आने वाला है वो � इतना सिंद्धा से प्याने वाले ताली बजा और सुन्दर समय में पर्जामिक भी होगा। वह सुद्धर प्रकृति आने वाली है। हम सब दैवियों गड़ों से घर दे वाली हैं लेकिन वो आबरा कड़ावला चुम अंतर से नहीं होने वाला है वो हम सब के जमल वा बुर्ण स्वाहा करेगा। एक एक अपना बुर्ण स्वाहा करेगा। एक एक अपनी जंबवाली लेगा। तो वो समय अवश्या आईगा और इसमें करोड़ों लोग जोड़ चूके हैं। क्रोणों लोग जुड़ चुत्ते हैं कि जो ये कहते हैं हम आप लोग के साथ अपनी जीवंगे,
तो वो स्विश्की को पास लेका लाने हैं,
तो क्या हम लोग के साथ जुड़ जायें?
जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़ेंगे जोड़े उसने दुनिया को बहुत पास ले आएंगे। ये हैं मेरी अस्पी शिवके तत्रीकत हैं किया। दूसरी लोटर यह है कि जो पिछे के हमारे विकर्म हो गये हैं जो हमारे पाक हो गये हैं उसके लिए बहुत बड़ा समय चल रहा है। यह समय की ब्लैसीद है,
समय का बरदान है। अपने को बार बार्स ये संगें की मैं आत्मा हूँ और उस परपृता परमात्मा हैं जोति स्वरूप से। जूरे तो हमारे कई जन्मों के विकर्ण मिलाश होंगे कई जन्मों के इतना सारी उपाये यही महमत रहे हैं। एया जुन अपने को आत्मा समझ,
मुझ अपने को आत्मा समझ। पिता को याद कर वाज़न कौन है यहां सो बैठे हैं तो एक अर्जुन नहीं था। कहा है वो अर्चन वो बहुवानु वार्च वो एक अर्छन के प्रती नहीं था वो बहुवानु वार्च किनके प्रती है हम सब मेरे परती हैं। ये अजून तु देह और देह के साथ समबन्तों को छोटे के तु देह नहीं है न तो पाण नहीं है,
तो कुली नहीं है,
तो अपने को हाथ हुआ समझ। और तुम मुझे,
अपने पिता निराखार को याद कर,
याद कर,
याद कर। वो मेरा एंकल है। और वो मुझे अपने गुडों से जोड़ थे। और मेरे सारे अभून हर लेगा। इतना सही क्या। कितने कितने कितने कितने कितने कितने कितने कितने कितने कितने वो जाएगा तो बोजिया से चिक तो कैसे हुम्या बुटा कैसे हुम्ये सेंध बाया। सबसे जाया सेह जनक करना होगा पर आप करके देखिए इसको कोई आपको यहाँ ही कहरेगी कोई और एच्छवर कहीं जाना है,
कहीं माता जुखाना है,
कोई धन दान करना है। कुछ नहीं जा सकना है ये अर्जुन तु अपने को आत्मा समझ और मुझ अपने पिता को किसके पिता हो आत्मा के पिता मुझ अपने पिता को याद कर। उसी रूप में शरीर में रूप में शरीर रूप में उनको समझेंगे तो विकार विनाश नहीं होंगे क्योंकि बढ़ी काउश्टनिस बढ़ी आत्मा समझना पड़ेगा विन्दू स्वरूप और अपने पिता निराकार परमात्मा पिता को याद I love you.
प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र सुबह सुबह जब हम उड़ते हैं तो सुबह सुबह सब से कहेंगे उस दिन को वैल्कॉम करें। एक द्यू बेवी घर भी आता तो क्या कहते हैं?
अरे वहाँ घरता शिराख आ गया। नए बच्चा आ गया,
सबकी भुष्या बड़ जाती हैं,
ये नहीं कहते हैं,
इतनी सारी population में एक और आ गया। देखा तो प्लेज खोड़ी देबा वाल हमारा बच्चा है तो क्या कहते हैं तो जब दिन नया आता है,
तो इसको क्या बोले?
Golden Day,
New Day and New Day is bringing so many hopes.
सो मनी लाइक्स नियों टे वेर्कम करूँज को यूट्यूब हमार लेकार देते हैं। फिर से सुबह से हरी वरी ने सुबह सुबह वाले इक नया दिन,
नयी शुरुआत,
नया हुमांग,
नया उस्था,
बहुत सारे। बहुत सारे मेरे दैवां के जड़ेंगे आज के लिए वन टे लिव वन टे तुम्हारे लिजिना एक लिजिन तो सुबर सुबर तो कैसे लेते हों कुलो दिन को,
और पिर उस पिता परणवात मा को,
उससे जो मैं आपकी संथान हों,
किर्दा निवाने के लिए आयों,
आग बहुत अच्छा किर्दा निवान,
मेरे साथ लेना। मुझे शक्ती देना है। प्रिस्ट प्रकर्ति का धन्यवाद। जिसको हम सारे दन्यवाद नहीं करते हैं। अगर श्वास नहीं हो,
पानी नहीं हो,
धर्ती नहीं हो,
सुरेद नहीं हो,
ती सालिटली हमारे सेवा करते हैं लाइक गॉड़ क्योंकि सालें की करते हैं,
कुछ बोलते नहीं हैं,
करते चाहते हैं,
करते चाहते हैं,
करते चाहते हैं। जाया उपर उठके बस मुरे कोड़ा बोलने वालो। Thank You.
इतनी सारे लैट दिया तो मुझे याद रहते हैं?
तो सुबर सुबर स्पाई कर लें वर्डस को.
जो सच में देवता है,
देते रहते हैं,
उनको धन्यवाद करते हैं सुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसुभसु� सौमान उठा लो उपना इसको भी हम थैंक के लिए बोते हैं। तो केते हाई हुड़ बिले तेकिन ये जो इसने साड़ साल तक हमें चलाया तो अब तो थेंकर भी बोला। तो तोड़ आपको कोई थैंकल निवरा तो तोड़ आपको कोई थैंकल निवरा एक दिन जाते हैं तो क्या कहते हैं हाई मेला हाथ तो फीली का ग्राटिट्यूब कहा है योसे करना है क्या?
बैमे वान पित्र यूड़ी गुटले आज सब तो क्या करें गोड़े?
लेकिन जब इसने काम पीड़ देतो तो सुबर सुबर शरीद का भी धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद तुम मेरे शरीद बहुत अपना खेल करेंगे इसको तुमने मुझे कितना साथ दिया है,
कितने सारे कांप किया है। शुक्रिया। तो सुबह-सुबह बेर्डिटूट वाले पीड़े। मैं भाग्गेशारी हूँ,
क्या दिन है?
परमात्मा का मैं तुम्हारी संतावों आया हूं नीचे पाड़ में जानी के लिए साथ रहना हूं। और मैं बहुत भाग़ेवान और शरीद बहुत मेरा अच्छा है,
थेल्दी है। आप देखेंगे अगर ये विमार पढ़ी रहा होगा तो नहीं होगा। इसको एसी वाल करेंगा। मुह दो पाश मिनट के लिए। सरी एनराजिस से कनेक्ट हो जाओ,
मतलब शाम के लिए अपने आपको लाइक एनरेक्टी के साथ अपने आपको गळाब करें। अब फ्यूनिंग कर लिया है,
एफ्यम कौन साथ चल रहे हैं?
सही स्ट्रिक्वैसी वरा 2.
6 मतलब जिसके था पीस है लग है हाप्पीनस है उस हमने एनरजी के साथ इंदिएं किया आवगुर्ण After 5 or 10 minutes,
अब मैं अपना रोल प्ले करने के लिए तयार। जब आप अपने अनुजी के लिए करते हैं। हरी वरी के साथ आपने क्या किया इंपॉर्टेंट नहीं है। ध्यान से सुनना है इस बात को समझना है। सारे दिन में दस काम के उन्हें जिंदगी भर। आपने बच्यों को समभाला क्या क्या नहीं किया सब कुछ किया करम में नहीं आने वाला कुछ भी आपने कैसे किया है?
प्लेंग भाव से किया शाती से किया है,
दया भाव से किया है,
सुक से किया है। आनन्द के साथ किया है,
कैसे किया है?
उसके मार्क्स कैल्परेट होके अगले जनम में गुण कर्मा में जाएंगे। क्या किया है नो पाता हूँ पुर्टे क्या गिया,
दस काम करते हैं,
किया कैसे है,
टेंज़िन के साथ आत्मा की शक्ती घट गई,
नेड़िटिव होगा। negative karma loss काम तो बहुत सारी हो,
सो वाट आत्मा कहती है मेरा तो घाटा पड़ा ना बाहर कर्दार अच्छा पिमाया कुली का मुझे तो घाटा डाला,
मुझे तो दुखी मिलाती है मुझे तो रशान बना दिया मेरा तो प्रेव छीर लिया,
मुझे तो गुर्णा से भर दिया,
दस काम होई है। आत्मा के लिए मेरा तो भाड़ा पड़ा ना समझना है इस बात को कि हम पाइदे में जा रहे हैं घाटे में जा रहे हैं। दस मेंसे पाँच नहीं कर। लेकिन आस्मा का प्राइदा शांति बढ़ाओ। प्रें बढ़ाओ शक्ती बढ़ाओ। खुशी बढ़हाओ। तो आत्मा का फायदा जीवन सुन्दर कर्म सुनदर फायदा फायदा फायदा भाद के ओज़ा बांगे कैसे बनता है?
क्या किया उसे ही कैसे किया उससे भागता है। गाओ पी आओ ओसा करके?
शानत रहके,
दुखी होके,
भाग गयी क्या वाया?
कट,
कट,
कट अभी जीवन केस होने वाला,
Next year केस होने वाला,
All negative.
तो जागरण नथा जागरती करम कैसे चल रहे हैं आत्मा का घाटा हो रहा है फायदा हो रहा है तो हमने कैसे रहना हमेशा?
जागरत रहना अपने आप के लिए क्या है?
रखना है?
क्या रखने आपने लिए दया,
कृपा आपने होता है सबी सीधा पैड़ चाहेंगे खेली श्वास देंगे श्वास लेते हुए ध्यान मस्तर किया। तेहाँ मस्तर्कियों देहाँ मस्तप्यिया दिले दिले श्वास चोड़े के प्रिसके इश्वास लेंगे तेहाँ मस्टर किया तहाँ मस्तपियो यहाँ मसतकियों दिले दिले श्वास चोड़ेंगे Thank you for watching it.
पेरीशास ते हाल मस्तकिया तेहाँ मस्तकियों दिहान वस्तक किया और धिरे धिरे श्यान चोड़ेंगे। और इस शरीर को मैसूस करेंगे जो कुर्सी पर बैचा हुआ है खुफ़। और इस शरीर का सारा बोज छोड़ दे कुर्से मैं अच्छी के जीड़े होना चाहते हैं शरीर के सबसे मुझे स्थान मस्तक की ओर जाँ कुछ मक्ता हुआ तेविज़ से थाला है और यहीं बहुत प्रस्तुत इस शरीर का वाले और जैसे जैसे ध्यान मस्तक की और जा रहा है बैसी बैसी बैन तो इपने से ताना आर्चवक मिला प्रकाश कुरिरी शरीद में फैलता हुआ मैं सूस ओड़ा हाँ इसे प्रकाश से इस पूरे ही शलीद में दान शक्ति मैसूस हो रही है। शरीद के इनी के लिए कान को होई। यूट्यूब लेकाश मस्तक्वार चैहिवा करता है दोनों बाजू चेस्ट स्थमाग तो मुझे पाहूँ पुरी शरीद में ये प्रकाश वैता हुआ मैसू सोराय और ये पताश केवल शरीव तक ही नहीं। शदीर के बाहर भी चारोर पह रहा है। यही मैं हूँ। जो इस शहीर की सीमा से भी पड़े पस्तप के बीच जब ताओ मैं आत्मां से पहला जो अस शरीर से भी परे हैं। और इस शरीद के पार से,
कहानी से भी अलग है। चेसी दोबने आफकू रापनी सत्य स्वरूप में देख रहा हूँ। के मन प्रकाश हूँ शान्ती का प्रकाशू कहाणी से पिल उठाए मैं प्रकाश हूँ शानते का प्रकाश दिनवारी सब ही बोलेंगे मैं शान्ति का प्रगाश मुझे। प्रेशान्तिका प्रगाश्यू मस्तक पर चमक अग भी मैसोस हो रही है। आपने आद अब धीले धीले जान सितारों से पार,
ग्रह नकशत्रों से भी पार,
उम पर अपने प्रकाश के गुन्या में। जैसे आहाँ पहुँचा पर स्वर्गाज की दुन्यावने के लिए मेरे पिता परमात्मा पर जोधी जिनका नंत प्रकाश चारो और फैला हुआ है। चारोर प्रकाश प्रकाश मेरे पिता शिबाबा प्रेम के सागर हैं शांती के सागर है और मैं अपनी जिता पर्मात्मा के किर्नों में। समाता जा रहा हूं पेटा मौंतो जैसे कभी किसी पार्ट में कोई बंदन में था ही नहीं। स्वाधान्त्र मुत बिल्कुल अभी बिदा जैसा प्रकाशी प्रकाश सुख का प्रगाश आनत्तु का प्रगाश प्रेम का प्रगाशू धरती के आकरशन से पर कोई मुझ्तरों बारेहो अपने पिता वर्मात्मा के प्रगाज की फिर्णों में समाया हुआ। चाहूँ पसीव शानती है शक्ति है प्रेम है और मैं आत्मा सितार हूँ बाद पूर हो। मेरा प्रकाश चारो और में सूर्च बुरा पर धीरे धीरे मेरा आत्मा सिथार अपने इस प्रगाश को फिर से धन्ते बते हैं सबके साथ पार्ट में पापिस अपने केदार में। आपको अपरिजायते हैं दर्दी कियाँ वापस फिर से आस्मान से नीचे। सद्धाते के यार में चाहता हुआ सितना प्रस्टेक्स कामिली और अपने इस दे को देख रहा हूँ। यही करता है मुझे फिर से बजाना है लेकिन नहीं जागरतें के साथ जागरम के साथ प्यांत्मा धिरे धिरे मस्तप के बीच प्रमेश करता हूँ यहाँ फिर्से मस्तर्कियों और मैसूस ओरा है गोल्डन लाइट सुनेरा प्रकाश चारो पूरे शरीर में शरी के एक हे कलम में और अब भी ऐसा ही मेसूस हो रहा है कि मैं अपने पिता बर्मात्मा शिवाबा के साथ हूँ। और उनकी लाइट पेरे चारो और है। वे पिलकों सुराक्षित हूँ हमें इश्चित हूँ उपने साथ लिलांतारी इस जगरती के साथ अपने आत्मा सितारा इस चहीद है। पाण बजाने के लिए तययार हो। शाथ शाइत