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Holika Dahan Story | बुराई पर अच्छाई की विजय
Rated
4.7
Type
talks
Activity
Meditation
Suitable for
Everyone
Plays
129
यह कथा भक्ति, विश्वास और सत्य की अद्भुत शक्ति को दर्शाती है। इस प्रसंग में बताया गया है कि कैसे अत्याचारी असुर राजा हिरण्यकश्यप को अपने वरदान पर अहंकार हो गया और उसने स्वयं को ईश्वर मान लिया, जबकि उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त बना रहा। अनेक कष्टों और कठोर परीक्षाओं के बावजूद प्रह्लाद की भक्ति अडिग रही और हर बार ईश्वर की कृपा से उसकी रक्षा हुई। अंततः होलिका दहन की घटना के माध्यम से यह संदेश मिलता है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, सत्य, श्रद्धा और भक्ति के सामने उसका अंत निश्चित है। यह कथा होली के पर्व के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को गहराई से समझाती है। Image by Atish Lowanshi from Pixabay Music by Siarhei Korbut from Pixabay
MythologyDevotionGood Vs EvilFestivalMoral LessonHinduismMythological StorytellingFestival Significance
Meet your Teacher

Parull Tewari
India
